उत्तराखंड के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में कम पुरस्कार राशि देने की विकलांग निशानेबाज दिलराज कौर की शिकायत गलत निकली है।
पुरस्कार के लिए किए आवेदन के साथ लगाए उनके प्रमाणपत्र में सिर्फ एक पदक का जिक्र है। खेल विभाग ने प्रमाणपत्र में बताए पदक के अनुरूप ही पुरस्कार राशि दी है। हालांकि, दिलराज कौर अब भी इस बात पर अड़ी हुई हैं कि यह रकम कम है।
CM की मौजूदगी में सिस्टम पर लगाया आरोप
शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सम्मान समारोह में निशानेबाज दिलराज कौर ने पुरस्कार राशि का ड्राफ्ट लेने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि दो पदकों के हिसाब से उनकी राशि 1.75 लाख बनती है, लेकिन विभाग ने सिर्फ दस हजार का ड्राफ्ट दिया है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में दिलराज ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए थे। सोमवार को विभागीय अधिकारियों ने दिलराज के आवेदन और प्रमाणपत्रों की जांच की। जानकारी के मुताबिक आवेदन में दिलराज ने ही गलती की है।
दिलराज ने 12 से 24 दिसंबर 2014 तक पुणे में 58वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता (पिस्टल) में 10मीटर पिस्टल वूमेन (आईएसएसएफ) नेशनल चैंपियनशिप हैंडीकैप (व्यक्तिगत) में रजत पदक पाने का प्रमाणपत्र लगाया है। जबकि आवेदन में 59वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप लिखा है।
इसी तरह आवेदन में 14वें कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप का जिक्र है, लेकिन प्रमाणपत्र में पदक नहीं लिखा है।
उप निदेशक खेल अजय अग्रवाल का कहना है कि प्रमाणपत्रों के लिहाज से दिलराज का एक रजत पदक ही बनता है। विकलांग श्रेणी में इस पर दस हजार रुपये का ही पुरस्कार खेल नीति में तय है।
उधर, दिलराज का कहना है कि उनका दावा बिल्कुल सही है। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है।