बीसीसीआई के अध्यक्ष और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन पर हंगामा शुरू हो गया है। जस्टिस मुदगल समिति ने कथित तौर पर उन्हें मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का दोषी पाया है।
आईपीएल में भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित जस्टिस मुदगल समिति ने गुरुनाथ मयप्पन के ख़िलाफ़ मैच फिक्सिंग और सट्टेबाज़ी के आरोपों को सही पाया है।
बीसीसीआई के अध्यक्ष और चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मेयप्पन पर हंगामा शुरू हो गया है। जस्टिस मुदगल समिति ने कथित तौर पर उन्हें मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का दोषी पाया है।
सुप्रीम कोर्ट को सौंपी 170 पृष्ठों की रिपोर्ट
आईपीएल में भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित जस्टिस मुदगल समिति ने गुरुनाथ मयप्पन के खिलाफ मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के आरोपों को सही पाया है।
चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक और बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर खास हमला करते हुए मोदी ने ट्वीट किया है कि श्रीनिवासन की दो दिन पहले मिली सफलता बहुत कम समय के लिए रही। एन श्रीनिवासन को केवल दो दिन पहले ही आईसीसी का अगला अध्यक्ष चुना गया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक समिति ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी 170 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा है कि अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा के खिलाफ स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के आरोपों की और जांच होनी चाहिए।
गलत है श्रीनिवासन का दावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि मयप्पन चेन्नई सुपरकिंग्स के शीर्ष अधिकारी थे जबकि श्रीनिवासन ने दावा किया था कि वह एक क्रिकेटप्रेमी होने के नाते टीम से जुड़े थे। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्तूबर में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मुद्गल की अगुवाई में इस कमेटी का गठन किया था।
कमेटी ने आईपीएल से जुड़े खिलाड़ियों, अधिकारियों और पत्रकारों के बयानों के आधार पर इस रिपोर्ट को तैयार किया है। रिपोर्ट में बीसीसीआई को सलाह दी गई है कि उसे भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग से निपटने के लिए सशस्त्र सेनाओं और पुलिस के पूर्व अधिकारियों की सेवाएं लेनी चाहिए।
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि श्रीनिवासन बीसीसीआई अध्यक्ष होने के साथ ही आईपीएल की एक टीम के मालिक भी हैं और यह हितों के टकराव का गंभीर मामला है जिस पर कोर्ट को विचार करना चाहिए।
बढ़ सकती हैं चेन्नई और राजस्थान की मुश्किलें
समिति ने क्रिकेट को साफ सुथरा बनाने और स्पॉट एवं मैच फिक्सिंग को खत्म करने लिए दस सिफारिशें भी दी हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
अगर इन दोनों टीमों के मालिकों को भ्रष्टाचार को दोषी पाया जाता है तो आईपीएल के संविधान के मुताबिक उन टीमों को आईपीएल से बाहर किया जा सकता है। यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब 12 फरवरी को आईपीएल के अगले संस्करण के लिए बंगलुरू में खिलाड़ियों की नीलामी होनी है।
चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने पांच खिलाड़ियों को अगले संस्करण के लिए बरकरार रखा है। राजस्थान रॉयल्स ने भी अपने कुछ स्टार खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है।
आजीवन पाबंदी झेल रहे हैं श्रीसंत और चव्हाण
आईपीएल-6 के दौरान स्पॉट फिक्सिंग का मामला उस समय सामने आया था, जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों शांतकुमारन श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
पूर्व तेज गेंदबाज श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को गत 16 मई को 16 सटोरियों समेत दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर 420 और 120बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। उनके साथ-साथ कई सटोरियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
इसके बाद मुंबई पुलिस ने मयप्पन और फिल्म कलाकार विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार किया। फिर दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा का भी नाम लिया। बीसीसीआई ने फिक्सिंग मामले में श्रीसंत और अंकित चव्हाण पर आजीवन पाबंदी लगा दी।