श्रीलंका और पाकिस्तान के पहले ही एशिया कप के फाइनल में पहुंच जाने के कारण टूर्नामेंट में आज के मैच का कोई महत्व नहीं था। और उम्मीद थी कि इस औपचारिक मैच में नए खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, लेकिन टॉस के बाद जब टीम की घोषणा हुई तो पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उतरी टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया।
टीम में कोई बदलाव नहीं किए जाने से पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर बेहद नाराज हो गए। उन्होंने कप्तान विराट कोहली के फैसले की आलोचना करते हुए कहा, "मेरे दिमाग में सिर्फ एक बात आती है कि टीम प्रबंधन चिंतित और संभवतः इस बात से डरा हुआ है कि यदि रिजर्व खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया तो टीम में शामिल उनके पसंदीदा खिलाड़ियों का क्या होगा।"
उन्होंने कहा, "लड़के जानते हैं कि कुछ भी करूं, टीम में हूं। क्या आप चेतेश्वर पुजारा से चिंतित हैं कि यदि उसने स्कोर कर दिया तो उन पसंदीदा खिलाड़ियों का क्या होगा जो जिनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है या फिर आप ईश्वर पांडे से चिंतित है कि यदि उसने विकेट लिए तो आपके पसंदीदा गेंदबाज का क्या होगा? आखिर आप किससे चिंतित हैं? भारतीय टीम के फैसले को समझना वाकई काफी मुश्किल है।"
पुजारा और पांडे को अब तक मौका क्यों नहीं!
टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले इस साल में महज एक जीत का स्वाद चखा है। बावजूद इसके टीम में अब तक कोई प्रभावी कदम उठाया नहीं गया।
अब जब एशिया कप में भारत खिताब की रेस से बाहर हो गया फिर भी टीम प्रबंधन नए खिलाड़ियों पर दांव लगाने से हिचकिचा रही हैं। टीम में कई खिलाड़ी हैं जिन्हें लंबे समय से टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है। मध्य क्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे लंबे समय से टीम में हैं लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में अब तक शामिल नहीं किया गया।
टेस्ट टीम के नियमित सदस्य बन चुके पुजारा ने अपना अंतिम मैच पिछले साल अगस्त में जिंबाब्वे के खिलाफ खेला था। वहीं रणजी क्रिकेट में सफल होने के बाद न्यूजीलैंड दौरे के दौरान अभ्यास मैच में भी अच्छी गेंदबाजी करने के बाद तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे को अब तक मौका नहीं दिया गया।
कोहली की सफाई, बदलाव से गुजर रही टीम
टीम इंडिया में बदलाव नहीं किए जाने के अपने फैसले का विराट कोहली ने बचाव किया।
उन्होंने कहा, "यह बेहद जरूरी है कि टीम आत्मविश्वास हासिल करे और यूनिट के तौर पर खेले। लोगों को इस टीम के साथ थोड़ा धैर्य रखना होगा। हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। हमने इस टूर्नामेंट में लड़ने का जज्बा दिखाया है। निश्चित तौर पर हमारे पास प्रतिभावान खिलाड़ी हैं लेकिन उन्हें अनुभव हासिल करने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा।"
टॉस जीतने के बाद कोहली ने कहा कि इस पिच पर गेंद ठीक से नहीं आ रही है और भारत इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करना पसंद करेगा।