चुनाव के दौरान मीडिया के दुरुपयोग की संभावना को देखते हुए आयोग ने इस बार कई कदम उठाए हैं। पहली बार चुनाव आयोग ने टीवी व प्रिंट मीडिया पर निगरानी के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखने का फैसला लिया है।
राजनीतिक दलों को मीडिया में विज्ञापन जारी करने से पहले आयोग को दिखाना होगा। पूर्व में विज्ञापनों में विरोधी दलों के खिलाफ अभद्र आरोप लगाने की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह कदम उठाया है।