भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह माथा टेकने पंजाब के जिले मोहाली स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने परिवार की खुशहाली, गले के कैंसर के सफल ऑपरेशन के बाद अमेरिका में स्वास्थ्य लाभ ले रहे अपने पिता योगराज की तंदुरुस्ती और टीम के अच्छे प्रदर्शन के लिए अरदास करवाई।
अरदास में उनके साथ उनकी मां शबनम और पारिवारिक सदस्य भी शामिल हुए। वहीं गुरुद्वारे में युवराज के आने की सूचना मिलते ही उनकी एक झलक पाने को वहां प्रशंसकों की भीड़ लग गई।
संगत के साथ लंगर भी छका
गुरुद्वारा परिसर में संगत ने भी उनका स्वागत किया। युवराज करीब आधे घंटे तक गुरद्वारा साहिब में रुके। इस दौरान उनके प्रशंसकों ने मोबाइल से उनकी फोटो ली।
इस दौरान युवराज ने भी प्रशंसकों का पूरा ख्याल रखा। युवराज दिल खोलकर उनसे मिले और उन्हें आटोग्राफ दिए। इसके बाद युवराज सिंह ने दरबार साहिब की परिक्रमा की। साथ ही संगत के साथ लंगर भी छका।
वहीं, गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी ने युवराज और उनके पारिवारिक सदस्यों को सिरोपा भेंट किया।
युवराज की प्रेरणा का स्रोत हैं गुरुद्वारा साहिब
युवराज सिंह ने कहा कि मुझे गुरुद्वारा साहिब से इलाज के समय बहुत प्रेरणा मिली। उनकी बदौलत ही मुझे कैंसर जैसी भयानक बीमारी से मुक्ति मिली है।
उन्होंने कहा कि वह हमेशा ही अपनी टीम के बेहतर प्रदर्शन, अपने परिवार और अपनी सेहत व तंदुरुस्ती के लिए अरदास करने के लिए गुरुद्वारा साहिब में आते हैं।