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आखिरकार, जैसे-तैसे पूरी हुई फुटबॉल लीग

Mon, 05 Jan 2015 12:03 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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71वीं लाला नेमीदास मेमोरियल जिला फुटबॉल लीग का रविवार को आठ महीने बाद जैसे-तैसे समापन हुआ। जिले में फुटबॉल के दो धड़ों के एक होने से लेकर रेफरी और खिलाड़ियों के बीच मारपीट के लिए यह लीग याद रहेगी।
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लीग का तीन महीने से बढ़कर आठ महीने तक खिंचना भी आयोजकों की लचर कार्यप्रणाली को दर्शा गया। ऐसे में एक बार फिर लीग के औचित्य पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

डेढ़ साल से चल रही फुटबॉल क्लबों के बीच तल्खी
पवेलियन मैदान में 11 मई 2014 को जिला फुटबॉल लीग का आगाज हुआ। इससे पहले बीते डेढ़ साल से चल रही फुटबॉल क्लबों और तदर्थ कमेटी के बीच की तल्खी कम होना चर्चा का विषय बना रहा।

दोनों गुटों के एक होने पर जिला फुटबॉल लीग आयोजन समिति बनी और पहली बार दो आयोजन सचिव बनाए गए। एक गुट से देवेंद्र बिष्ट और दूसरे गुट से राजेंद्र रावत सचिव बने। तीसरी ओर तदर्थ कमेटी आयोजक बनी रही।
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आयोजकों ने दो डिवीजन में लीग करायी और शुरुआत बी डिवीजन मुकाबलों से हुई। अगस्त-सितंबर महीने तक बी डिवीजन के मुकाबले खेले गए। सितंबर महीने में एक मैच के दौरान रेफरी और खिलाड़ियों के बीच मारपीट होने से लीग पर कालिख लगी।

जिसके बाद रेफरी पर 20 मैच का प्रतिबंध लगा तो खिलाड़ियों पर लीग न खेलने का। कुछ स्थिति सामान्य हुई, लेकिन अक्तूबर में एक बार फिर दोनों गुटों में मतभेद उभर आए, लेकिन तदर्थ कमेटी ने मैदान न होने का बहाना किया। इस कारण लंबे समय तक लीग के मैच नहीं हो पाए।

तदर्थ कमेटी के सदस्यों की मैदान के लिए जिला खेल अधिकारी के साथ भी तीखी बहसें हुई। मैदान नहीं मिलने पर एसजीआरआर पीजी कॉलेज के मैदान पर भी एक मैच हुआ, लेकिन दूसरे दिन से टीमों ने मैदान छोटा बताकर खेलने से मना कर दिया।

किसी तरह मामला सुलझा और पवेलियन में लीग के मैच हुए। लेकिन आखिर में सेमीफाइनल मुकाबले में पुलिस और गढ़वाल स्पोर्टिंग के बीच विवादित मैच अपना असर छोड़ गया, जिसमें रेफरी पर गलत निर्णय का आरोप लगाकर गढ़वाल स्पोर्टिंग ने मैदान छोड़ दिया था। मगर रविवार को किसी तरह फाइनल निपटने से आयोजकों ने चैन की सांस ली।

खिताब पर उत्तराखंड पुलिस का कब्जा
आक्रामक खेल से सीटी यंग को दबाव में लाकर आखिर में उत्तराखंड पुलिस ने 71वीं लाला नेमीदास मेमोरियल जिला फुटबॉल लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। उत्तराखंड पुलिस ने 5-2 के अंतर से फाइनल में जीत हासिल की।

पवेलियन मैदान में रविवार को जिला फुटबाल लीग का फाइनल मुकाबला उत्तराखंड पुलिस और सीटी यंग के बीच खेला गया। मैच के पहले मिनट से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाना शुरू कर दिया।

पांचवें मिनट में सीटी यंग के मनीष ने गोल कर टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। लेकिन 24वें मिनट में धनवीर के गोल से उत्तराखंड पुलिस ने मैच में 1-1 से बराबरी कर ली। 30वें मिनट में वीर सिंह के गोल से उत्तराखंड पुलिस का स्कोर 2-1 हो गया और 39वें मिनट में गोल कर वीर सिंह ने बढ़त 3-1 कर दी। सीटी यंग के राकेश ने 44वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 2-3 कर बढ़त कम की।

दूसरे हाफ में भी दोनों टीमों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने बढ़त बरकरार रखी। 57वें मिनट में अमित बिष्ट और 64वें मिनट में शिशिर शाह ने गोल कर उत्तराखंड पुलिस का स्कोर 5-2 कर दिया। मैच के अंतिम मिनट तक बढ़त कायम रखकर उत्तराखंड पुलिस ने खिताब पर अपना कब्जा कर लिया।

समापन समारोह में खटीमा विधायक पुष्कर धामी ने विजेता व उपविजेता टीमों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर भाजपा नेता जोगेंद्र पुंडीर, सुनील उनियाल, आनंद जोशी, एसपी सुंद्रियाल, कैलाश जोशी, देवेंद्र बिष्ट, राजेंद्र रावत, मदन नेगी आदि मौजूद रहे।
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