वर्ल्ड कप फुटबॉल हो और विवाद न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। विवादित 'हैंड ऑफ गोल' के 28वें साल में डिएगो माराडोना एक बार फिर विवादों में हैं। 1986 में हुए वर्ल्ड कप में माराडोना ने विवादित गोल किया था जिसे 'हैंड ऑफ गोल' कहा गया। 22 जून, 1986 को इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के दूसरे हॉफ के छठे मिनट में माराडोना ने यह विवादित गोल किया था।
28 साल बाद माराडोना ने एक बार विवाद खड़ा कर दिया है। ब्राजील में खेले जा रहे वर्ल्ड कप में उनके नए विवाद को 'फिंगर ऑफ गॉड' कहा जा रहा है।
माराडोन अर्जेंटीना के सबसे महान और लोकप्रिय फुटबॉल सितारे माने जाते हैं और यह विवाद अर्जेंटीना और ईरान के बीच मैच के बाद शुरू हुआ।
LIVE प्रसारण पर कर दिया अभद्र इशारा
दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में से एक अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना ने अपने देश के फुटबॉल प्रमुख जूलियो ग्रानडोना को टीवी पर सीधे प्रसारण के दौरान ही अभद्र इशारा कर सभी को चौंका दिया।
माराडोना अर्जेंटीना और ईरान के बीच रोमांचक मैच को देखने के लिए स्टेडियम में अपनी बेटी के साथ मौजूद थे लेकिन निर्धारित 90 मिनट में मुकाबला 0-0 से बराबर रहने के बाद वह निराशा में स्टेडियम छोड़कर चले गए।
हालांकि उनके जाने के कुछ सेकंड बाद ही कप्तान लियोनल मेस्सी ने इंजरी समय में गोल कर टीम को जीत दिला दी।
माराडोना ने निकाली जमकर भड़ास
अर्जेंटीना फुटबॉल संघ के प्रमुख जूलियो ग्रानडोना ने इस जीत के बाद कहा कि माराडोना मनहूस थे और इसलिए उनके जाते ही टीम ने गोल कर मैच जीत लिया।
82 साल के ग्रानडोना की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए माराडोना ने कैमरे की ओर देखते हुए ग्रानडोना को अपनी मध्य अंगुली बाहर निकालते हुए अभद्र इशारा किया। ग्रानडोना 1979 से इस संघ के प्रमुख बने हुए हैं।
माराडोना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह बेवकूफ आदमी है। यह मेस्सी की क्षमता थी, न कि मेरे स्टेडियम छोड़ने से टीम को जीत मिली। उन्होंने नाराजगह जताते हुए कहा, "मैं ग्रानडोना को बताना चाहता हूं कि मैं यहां पर अपने काम की वजह से हूं, जबकि उन्हें फीफा लेकर आया है।"