फीफा वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में ब्राजील के खिलाफ जर्मनी की ऐतिहासिक जीत में एक रिकॉर्ड तो पीछे ही छूट गया।
जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरास्लाव क्लोस ने 23वें मिनट में टीम के लिए मैच का दूसरा गोल दागते हुए वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखवा लिया। इस गोल के साथ ही जर्मनी को ब्राजील पर 2-0 की बढ़त भी दिला दी थी।
36 साल के क्लोस ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपना 16वां गोल दागते हुए ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डो के सर्वाधिक 15 गोल करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। क्लोस का इस वर्ल्ड कप में यह दूसरा गोल है। यह उनका वर्ल्ड कप में 23वां मैच था। रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप के 19 मैचों में यह रिकॉर्ड बनाया था।
पहले 2 वर्ल्ड कप में किए 10 गोल
मिरोस्लाव क्लोस ने इससे पहले इस वर्ल्ड कप में अपना पहला गोल घाना के खिलाफ मैच में दागा था। क्लोस अपनी टीम के लिए वर्ल्ड कप में बेहद लकी फुटबॉलर रहे हैं। उनके रहते टीम लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंची थी।
2006 में मेजबान जर्मनी के लिए मिरोस्लाव क्लोस ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचने में मदद की। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 5 गोल कर गोल्डन बूट अपने नाम किया था।
इससे पहले 2002 में खेले गए अपने पहले वर्ल्ड कप में भी क्लोस ने 5 गोल दागे। वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका में भी जर्मन स्ट्राइकर ने 4 गोल किए थे।
134 मैचों में 70 गोल
बेहद ही शांत प्रिय और मृदु भाषी मिरोस्लाव मौजूदा समय में जर्मनी के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर माने जाते हैं जिन्हें उनके बेहतरीन खेल के लिए जर्मनी के साथ इटली में भी बहुत प्यार और सम्मान हासिल है।
वह इटली के क्लब लाजियो के लिए खेलते हैं। पोलैंड में जन्मे मिरोस्लाव वर्ष 1986 में आठ वर्ष की उम्र में अपने परिवार के साथ जर्मनी आ गए थे।
जर्मनी के लिए 134 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 70 गोल कर चुके मिरोस्लाव ने रोनाल्डो के रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद कहा, "20 वर्ल्ड कप मैचों में 15 गोल बुरा नहीं है।"
बढ़ई के पेशे की ट्रेनिंग ले चुके मिरोस्लाव को हालांकि खेल की प्रेरणा उनके परिवार से मिलती है। पांच वर्ष फ्रांस में रह चुके मिरोस्लाव के पिता जोसेफ जहां एजे आक्सेरे के लिए खेलते थे जबकि मां बारबारा जेज पोलैंड की पूर्व अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी रह चुकी हैं।
जिस मैच में किया गोल, जीती टीम
मिरोस्लोव क्लोज का ये चौथा वर्ल्ड कप है। वह 4 वर्ल्ड कप के मैचों में गोल मारने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं। ब्राजील के पेले और पश्चिमी जर्मनी के उवे सीलर ने 1958, 1962, 1966 और 1970 में खेले गए वर्ल्ड कप मैचों में गोल दागे थे।
इस बारे में रोचक ये है कि क्लोज ने जिस मैच में भी गोल किया है, जर्मनी वो मैच नहीं हारा है। ब्राजील के खिलाफ गोल करने से पहले क्लोज ने कभी भी वर्ल्ड कप सेमीफाइनल या फाइनल में गोल नहीं किया था।
अब जबकि इस वर्ल्ड कप में क्लोज ने सेमीफाइनल में गोल कर दिया है। जर्मन टीम उम्मीद करेगी कि वह फाइनल में भी गोल करें और उस मैच के साथ ही खिताब भी टीम जीत सके।