वर्ल्ड कप हो और कोई विवाद न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। हर वर्ल्ड कप की तरह इस बार भी कई खिलाड़ी विवादों में रहे। खिलाड़ियों के अलावा मैदान पर रेफरी भी विवादों के घेरे में आए।
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यूं तो वर्ल्ड कप में कई विवाद हुए लेकिन कुछ विवाद इतने चर्चित हुए जो आगे भी याद किए जाएंगे।
आइए, जानते हैं ऐसे 6 बड़े विवादों के बारे में।
मैच फिक्सिंग में फंसे 7 खिलाड़ी
मैच फिक्सिंग के दंश से फीफा वर्ल्ड कप भी नहीं बच सका। कैमरून के 7 खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग के आरोप से वर्ल्ड कप में भूचाल आ गया।
कैमरून के खिलाड़ियों पर ब्राजील में खेलों तीनों लीग चरण के मैचों में फिक्सिंग करने का आरोप लगा। इस बात का खुलासा जर्मनी की एक मैगजीन डर स्पीगल ने किया जिसके तहत विल्सन राज पेरूमल नामक व्यक्ति ने क्रोएशिया के खिलाफ हुए मैच का परिणाम पहले ही बता दिया था।
इस मैच में कैमरून टीम को क्रोएशिया ने 4-0 से हराया था। क्रोएशिया के अलावा दो अन्य मैचों पर भी फिक्सिंग के आरोप लगे हैं।
जापानी रेफरी का वो 'विवादित' फैसला
वर्ल्ड कप के उद्घाटन मैच में ही जापानी रेफरी यूची निशिमुरा के विवादास्पद फैसले ने टूर्नामेंट में हंगामा खड़ा कर दिया। उनके विवादित फैसले पर सोशल मीडिया में भी खूब हंगामा हुआ।
42 वर्षीय निशिमुरा ने ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार को लूका मॉड्रिक को कोहनी से मारने के लिए सीधे लाल कार्ड दिखाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनके फैसले की वजह से ब्राजील को पेनाल्टी शॉट मिला था और फिर ब्राजील इस मैच में 2-1 से आगे हो गया। ब्राजील ने ये मैच 3-1 से जीता था।
निशिमुरा 2004 से अंतरराष्ट्रीय रेफरी है और उन्होंने 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप सहित कई टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है। 2008 के अफ्रीका कप में मिस्र के साथ हुए क्वार्टर फाइनल के दौरान अंगोला के खिलाड़ियों ने निशिमुरा को धक्का दे दिया था।
रोबेन का झूठ भारी पड़ा विपक्षी टीम को
मैक्सिको के खिलाफ नॉकआउट दौर में नीदरलैंड्स के विंगर अर्जेन रोबेन के झूठ बोलने की काफी आलोचना हुई।
इस मैच में रोबेन को गिराने पर नीदरलैंड्स को अंतिम समय में पेनल्टी मिली और वह 2-1 से मैच जीतने में सफल रहा।
मैच के बाद रोबेन ने कहा कि रेफरी का यह फैसला सही था लेकिन इससे पहले मैच के दौरान वह जानबूझकर गिर गए थे और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
पुर्तगाल के पेपे का 'हेड बट'
पुर्तगाल के डिफेंडर पेपे ने लीग मुकाबले में जर्मनी के के स्ट्राइकर थॉमस मूलर को सिर से टक्कर मारी।
मैच के दौरान पेपे ने पहले मूलर के साथ झड़प की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद भी पेपे नहीं रुके और उन्होंने जमीर पर बैठे मूलर के सिर में अपने सिर से टक्कर मारी। इस शर्मनाक घटना के लिए पेपे को रेड कार्ड दिखाया गया।
पेपे के बाहर होने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा और वह दूसरे चरण में भी नहीं पहुंच सकी।
नेमार की पीठ पर घुटने से मारा
ऐसे ही एक और विवादित घटना र्क्वाटर फाइनल में घटी, जब वर्ल्ड कप के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में से एक नेमार को चोटिल कर दिया गया।
इस मैच के अंतिम समय में कोलंबिया के जुआन कैमिलो जुनिगा ने ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार की पीठ पर उछलकर घुटने से प्रहार किया।
नेमार दर्द के कराहकर जमीन पर गिर पड़े और उन्हें मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। बाद में नेमार को पूरे टूर्नामेंट से ही बाहर होना पड़ा और इसका खामियाजा ब्राजील को सेमीफाइनल में जर्मनी के हाथों 1-7 की करारी हार से भुगतना पड़ा।
हालांकि इस घटना के बावजूद जुआन को रेफरी से कोई चेतावनी नहीं मिली लेकिन फीफा ने भी अपने जांच में जुआन को दोषी नहीं ठहराया।
फीफा वर्ल्ड कप का सबसे विवादित मामला उस समय सामने आया, जब लुइस सुआरेज ने मैच के दौरान विपक्षी खिलाड़ी का कंधा दांत से काट लिया।
24 जून को टूर्नामेंट के लीग चरण मुकाबले में उरुग्वे के स्ट्राइकर लुइस सुआरेज ने करीब 79वें मिनट में इटली के डिफेंडर जॉर्जियो चेलिनी के कंधे पर काट लिया।
इस घटना को मैच रेफरी मार्केस एंटोनिया रोड्रिगुएज देख नहीं सके और उन्होंने सुआरेज को कोई सजा नहीं दी। उरुग्वे यह मैच 1-0 से जीता।
सुआरेज ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया लेकिन फीफा की अनुशासनात्मक कमेटी ने उन पर चार महीने का प्रतिबंध लगा दिया।