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अब फीमेल रेफरी के इशारों पर नाचेंगे फुटबाल खिलाड़ी

Sat, 05 Apr 2014 10:23 AM IST
अंशुल डांगी/अमर उजाला, देहरादून
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दून के फुटबाल इतिहास में संभवत: पहली बार फीमेल रेफरी खिलाड़ियों को मैदान पर अपने इशारों पर नचाने के लिए तैयार हैं।
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21 अप्रैल से शुरू हो रहे गर्ल्स चैलेंज कप फुटबाल टूर्नामेंट में महिला रेफरी निर्णायक की भूमिका में नजर आएंगी। प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में पुरुषों के मैच में भी उतारा जाएगा।

आमतौर पर लड़कों का खेल माने गए फुटबाल में राज्य की स्टार प्लेयर सुचिता खरोला, ज्योति गड़िवाल और मोनिका बिष्ट बतौर रेफरी दखल देने जा रही हैं।

रेफरी परीक्षा पास की
मोनिका बिष्ट ने बीते साल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) से राज्य की पहली फुटबाल कोच बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद तीनों ने उत्तराखंड फुटबाल रेफरी एसोसिएशन से रेफरी परीक्षा पास की।
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बाईचुंग भूटिया फुटबाल एकेडमी के कोचों की तलाश के दौरान विदेशी कोचों से ट्रेनिंग ली। अभी तक मैदान पर खेलने के बाद नई भूमिका को लेकर तीनों उत्साहित हैं। कहती हैं, हम तैयार हैं।

हाशिये पर रहकर भी कमाया नाम
फुटबाल के गढ़ देहरादून में महिला फुटबालर हमेशा हाशिये पर रहीं। राज्य बनने के बाद रक्षा पंवार और अनीता रावत को छोड़ शायद ही किसी खिलाड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हो।
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दोनों अपने दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची और आज दिल्ली में प्रोफेशनल लीग में जलवे बिखेर रही हैं। इसी तरह कई गर्ल्स फुटबाल के लिए गंभीर हैं और खेल तराशने के लिए मौके एवं सुविधाओं की तलाश में हैं।

प्रोफाइल रेफरी
नाम - मोनिका बिष्ट
उम्र - 24 साल
निवास - जैंतनवाला
उपलब्धि - राज्य की पहली एनआईएस कोच। 5 नेशनल टूर्नामेंट खेले। नेशनल अंडर-19 कैंप में प्लेयर्स को दी कोचिंग।

नाम - सुचिता खरोला
उम्र - 22 साल
निवास - गढ़ी कैंट
उपलब्धि - नेशनल लेवल के तीन टूर्नामेंट में शिरकत की।

नाम - ज्योति गड़िवाल
उम्र- 18 साल
निवास - गढ़ी कैंट
उपलब्धि - 9 फेडरेशन नेशनल टूर्नामेंट खेले। एक नेशनल स्कूल टूर्नामेंट खेला।
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