कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बेहद चतुर कप्तान माने जाते हैं और कई बार उनकी चाल के आगे विपक्षी टीम की योजना तक पस्त हो जाती है।
लेकिन धोनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के दौरान एक ऐसा काम कर दिया जिसे उन्होंने इस मैच से पहले शायद कभी नहीं किया होगा।
मीरपुर में टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला अभी चल ही रहा था और भारत के पास 2007 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचने का मौका था लेकिन अचानक धोनी के एक फैसले से न सिर्फ क्रीज पर डटे विराट कोहली को चौंका दिया बल्कि मैदान में मौजूद हर कोई अचंभे में पड़ गया।
धोनी ने मैच को अंतिम ओवर में ढकेला
टी-20 वर्ल्ड के दूसरे सेमीफाइनल में भारत एक समय जीत के बेहद करीब पहुंच गया था और उसे सात गेंदों पर सिर्फ एक रन बनाने थे।
क्रीज पर उस समय विराट कोहली कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ थे। भारतीय पारी का 19वां ओवर तेज गेंदबाज बेन हेंड्रिक्स डाल रहे थे और इस ओवर की पांचवीं गेंद पर विराट कोहली ने डीप मिडविकेट की दिशा में खेलकर एक रन लिया।
भारत फाइनल में पहुंचने से अब महज एक रन दूर था और क्रीज पर थे कप्तान धोनी। लेकिन धोनी ने इस शॉर्ट बॉल को हल्के हाथों से खेलकर सभी को चौंका दिया क्योंकि हर किसी को लग रहा था कि टीम इसी गेंद पर मैच जीत जाएगी। इस कारण धोनी मैच में अपना खाता भी नहीं खोल पाए।
धोनी के फैसले ने सभी को चौंका दिया
कप्तान धोनी ने मैच में विजयी शॉट लगाने के लिए विराट कोहली को भरपूर मौका दिया। पारी की 20वें ओवर में कोहली ने डेल स्टेन की गेंद पर चौका जड़कर जीत पर मुहर लगा दी।
19वें ओवर की तीसरी गेंद पर सुरेश रैना जब आउट हुए और क्रीज पर धोनी आए तो सभी को लगा कि भारतीय कप्तान हर बार की तरह इस बार भी विजयी शॉट लगाने का मौका नहीं गंवाएंगे। पिछले कुछ सालों में कई ऐसे मौके आए हैं जब टीम जीत से कुछ रन दूर रही हो और विकेट गिरने के बाद धोनी क्रीज पर आते और विजयी शॉट लगाकर चले जाते।
ल्रेकिन इस बार धोनी ने ऐसा नहीं किया और कोहली को विजयी शॉट लगाने का मौका दिया और पहली ही गेंद पर मिडविकेट की दिशा में जोरदार अंदाज में खेलते हुए चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी।
'कैप्टन कूल' ने कोहली को दिया तोहफा!
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच की जीत के नायक रहे विराट कोहली को अनोखा उपहार मैच के दौरान ही दे दिया था। उन्होंने कोहली को पहले ही बता दिया था कि वह विजयी शॉट नहीं लगाएंगे।
कोहली ने मैच के बाद बताया कि धोनी ने उनसे कहा था 'इस मैच में मैं तुझे कुछ नहीं दे सकता। ये विनिंग स्ट्रोक मेरे तरफ से गिफ्ट समझ लेना।'
कोहली ने बताया कि विजयी शॉट लगाकर उन्हें वाकई में बहुत अच्छा लगा। कोहली ने मैच की महत्ता देखते हुए इसे अपनी सबसे बेहतरीन पारी बताया। हालांकि वह ऐसी बल्लेबाजी पहले भी कर चुके हैं। कोहली ने नाबाद 72 रन बनाए और मैन ऑफ द मैच बने।
'स्टेन को दबाव में लाना फायदे में रहा'
मैच के बाद विराट कोहली ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण होता है कि गेंदबाजी के दौरान डेल पर दबाव बनाया जाए। लेकिन खास बात यह है कि अन्य प्रमुख गेंदबाजों पर रन बनाते रहे। जिससे गेंदबाजों पर दबाव बनता है।
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए जब डेल स्टेन अंत में गेंदबाजी करने आए तो उनके पास बल्लेबाजों को रोकने के लिए ज्यादा रन नहीं बचे थे। आपको यह जानना आना चाहिए कि किस गेंदबाज को हिट करना है और किस गेंदबाज को डिफेंड करना है।"
कोहली ने अपनी 72 रनों की पारी पर कहा, "अगर आप इस मैच की महत्ता के हिसाब से देखते हैं तो यह मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी है, लेकिन मुझे निजी तौर पर लगता है कि मैंने इससे पहले भी इस तरह की बल्लेबाजी की है। टी-20 मैच में ऐसे कई मैच हैं जिसमें मैं मध्य क्रम में आया और इस पारी की तरह बल्लेबाजी की।"