तीन घंटे में पूरा हो जाने वाला टी-20 क्रिकेट बेहद उतार-चढ़ाव वाला खेल है। इसमें एक मैच में बल्लेबाज रनों का अंबार लगा देते हैं तो दूसरे में वही बल्लेबाज बुरी तरह से फुस्स हो जाते हैं।
बांग्लादेश में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप में एक टीम ऐसी भी है जिसने एक मुकाबले में धुआंधार बल्लेबाजी का वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया था।
लेकिन इसी टीम ने अपने लगातार दूसरे मैच में ऐसा निराशाजनक खेल दिखाया कि कोई भी इस मैच को याद नहीं रखना चाहेगा। पर रिकॉर्डबुक में यह मैच दर्ज तो हो ही गया है।
तब 14 ओवर में बनाए थे 193 रन
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले से पहले नीदरलैंड के बल्लेबाजों ने आयरलैंड के खिलाफ रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी करते हुए 189 रन के विशाल लक्ष्य को महज 13.5 ओवर में ही चार विकेट पर 193 रन बनाकर पार कर लिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड के लिए पीटर बोरेन और माइबर्ग की ओपनिंग जोड़ी ने पहले छह ओवर में ही 91 रन ठोक डाले। स्टीफन माइबर्ग ने 23 गेंद में चार चौके और छह छक्के की मदद से टी-20 क्रिकेट का तीसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाया।
नीदरलैंड की पारी में कुल 19 छक्के और 12 चौके लगे। इस मैच में कुल 30 छक्के लगे जो टी-20 का एक नया रिकॉर्ड है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर ही डच टीम दूसरे दौर में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही।
अब महज 39 रन पर आउट हो गई टीम
आयरलैंड के खिलाफ सिर्फ 14 ओवर में 193 रनों का अंबार लगाने वाली नीदरलैंड टीम अगले ही मैच में फुस्स हो गई। 10.3 ओवर में सिर्फ 39 रन, यह स्कोर ट्वंटी-20 इतिहास का सबसे कम स्कोर है जो बांग्लादेश में चल रहे वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ ग्रुप-एक मैच में नीदरलैंड का रहा।
सोमवार को टूर्नामेंट के मुख्य दौर के अपने पहले मैच में नीदरलैंड की टीम आत्मविश्वास के साथ श्रीलंकाई टीम के खिलाफ मैदान पर उतरी थी लेकिन जल्द ही उसे पता चला गया कि बड़ी टीमों के खिलाफ उसकी तैयारियों में अभी काफी खामियां है।
तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा ने पारी के पहले ही ओवर में नीदरलैंड के ओपनर स्टीफन मेयबर्ग को खाता खोले बिना पवेलियन की राह दिखा दी। इसके बाद तो डच टीम के क्रिकेटरों का क्रीज पर आना और जाना शुरू हो गया।
दहाई का मुंह भी नहीं देख सके 10 बल्लेबाज
पहले ओवर में मिले शुरुआती झटके से नीदरलैंड टीम उबर ही नहीं सकी और बिखरती चली गई और 10 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।
इस नौसिखिया टीम के बल्लेबाज न तो श्रीलंकाई गेंदबाजों की तेज गेंदबाजी से जूझ सके और न ही उन्हें उनकी स्पिन समझ में आई।
नतीजतन टीम टी-20 इतिहास के सबसे कम स्कोर पर सिमट गई। इससे पहले यह शर्मनाक रिकॉर्ड केन्या के नाम था जो 30 सितंबर 2013 को शारजाह में अफगानिस्तान के खिलाफ 56 रन पर आउट हो गई थी। श्रीलंका की ओर से एजेंलो मैथ्यूज और स्पिनर अजंता मेंडिस ने 3-3 विकेट चटकाए। लसिथ मलिंगा को 2 विकेट मिला।
श्रीलंका ने महज 5 ओवर में जीत लिया मैच
जवाब में श्रीलंकाई टीम ने महज 5 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 40 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। श्रीलंका की यह लगातार दूसरी जीत है। अपने पहले मैच में श्रीलंकाई टीम ने दक्षिण अफ्रीका को शिकस्त दी थी।
हालांकि उसकी भी शुरुआत खराब रही और उसके दूसरे ओवर की अंतिम गेंद पर कुशल परेरा (14) का विकेट गंवा दिया।
इसके बाद महेला जयवर्धने भी अपना विकेट गंवा देते अगर डच फील्डर आसान सा कैच नहीं टपकाते। आसान जीत के साथ श्रीलंका भी अपने ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच गया है।