अगर कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो मुश्किल से मुश्किल रास्ते भी आसान हो जाते हैं। जज्बे और जुनून से हर मंजिल पाई जा सकती है, इस बात का सुबूत दे रहे हैं सिटी ब्यूटीफुल के मुकेश और पूनम। दृढ़ इच्छा शक्ति के बलबूते पर ये दोनों आज देश के लिए टेबल टेनिस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने में लगे हुए हैं।
मुकेश और पूनम पति पत्नी हैं। इन दोनों ने खुद को कभी निशक्त नहीं माना है। हमेशा से ही एक दूसरे की हिम्मत बने हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे भी इनकी कहानी काफी दिलचस्प है।
एक हादसे ने बदली मुकेश की जिंदगी
मुकेश ने बताया कि वह पहले टेबल टेनिस के सामान्य खिलाड़ी थे। वर्ष 2003 में दिल्ली जाने के लिए प्लेटफार्म पर बैठे थे। यहां उनकी नजर एक बच्चे पर पड़ी, जिसकी मां उसे प्लेटफार्म पर बैठाकर कुछ समान लेने गई थी। इसी दौरान वह बच्चा रेलवे ट्रैक के बीच पहुंच गया और तभी उसे ट्रेन आने की आवाज सुनाई दी।
बच्चे की जान जोखिम में देख कर मुकेश बच्चे को बचाने केलिए दौड़ पड़े। उन्होंने बच्चे को तो बचा लिया लिया, लेकिन खुद ट्रेन की चपेट में आ गए। उनका दायां पांव घुटने से नीचे तक खराब हो गया। मुकेश की इस बहादुरी पर 2004 में उन्हें राष्ट्रपति जीवन रक्षा पदक से नवाजा गया।
पोलियो ने खराब किया पूनम का पैर
पूनम जब 9 वर्ष की थी तो उसका दायां पांव पोलियो से खराब हो गया था। इसके बावजूद पूनम की हिम्मत कायम रही और पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपना दमखम दिखाया। इसी का परिणाम है कि पूनम पैरा एशियन गेम्स में खेलने जा रही हैं।
वे इस समय पंजाब यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रही हैं। कई समाजसेवी संस्थाओं से भी जुड़ी हैं। पूनम ने बताया कि अपने जैसे और लोगों को यह संदेश देना चाहती हैं कि अगर आज वे इस मुकाम तक पहुंची हैं हर र्कोई अपने जुनून से जिंदगी में सफलता पा सकता है।
कोरिया और चीन से मिलेगी चुनौती
मुकेश ने बताया कि वह 18 अक्तूबर को दिल्ली से कोरिया के लिए रवाना होंगे। इनके अनुसार पैरा एशियन गेम्स में मेजबान कोरिया और चीन से कड़ी चुनौती मिलने वाली है। इसके लिए काफी तैयारी की है। रोजाना तीन घंटे से अधिक अभ्यास किया है।
बता दें कि कोरिया में पैरा एशियन गेम्स 18-28 अक्तूबर के बीच खेले जाने हैं। मुकेश और पूनम ट्राइसिटी के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका चयन टेबल टेनिस की इस इवेंट के लिए भारतीय टीम में हुआ है। नेशनल स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेडल जीतने के आधार पर इन दोनों को पैरा एशियन गेम्स के लिए चुना गया।