ट्वंटी-20 फॉरमेट का लोकप्रिय टूर्नामेंट आईपीएल का सातवां संस्करण अपने रोमांच पर है और भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ दुनियाभर के खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन के लिए दमखम लगा रहे हैं।
आईपीएल में 50 फीसदी से ज्यादा मैच खेले जा चुके हैं। लेकिन इस बीच एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से ही संन्यास लेकर सबको चौंका दिया।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने आईपीएल के दौरान टेस्ट से अचानक संन्यास लिया हो, इससे पहले श्रीलंका के लसित मलिंगा ने अपने देश के क्रिकेट बोर्ड के ऐतराज पर संन्यास का ऐलाना कर दिया था।
कप्तानी से हटाए जाने से नाराज थे डैरेन सैमी
सनराइजर्स हैदराबाद के आलराउंडर डैरेन सैमी ने टेस्ट टीम की कप्तानी से हटाए जाने और टीम से निकाले जाने के बाद क्रिकेट के इस सबसे बड़े फॉरमेट से संन्यास ले लिया है। हालांकि अब तक टेस्ट टीम के कप्तान रहे सैमी ने वनडे में खेलने के अलावा टी-20 टीम के कप्तान बने रहने का फैसला लिया है।
वेस्टइंडीज बोर्ड ने एक दिन पहले ही सैमी को हटाकर विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश रामदीन को कैरेबियाई टेस्ट टीम का कप्तान बना दिया। इस टीम को अगले महीने की 8 तारीख से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज खेलना है।
त्रिनिदाद में जन्मे 29 वर्षीय रामदीन ने वेस्टइंडीज के लिए 56 टेस्ट, 109 वनडे और 46 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 2235 रन बनाने के अलावा विकेट के पीछे 161 शिकार किए हैं।
बेहद शानदार रहा था टेस्ट क्रिकेट में आगाज
डैरेन सैमी सेंट लुसिया से ऐसे पहले क्रिकेटर थे जिन्होंने वेस्ट इंडीज के लिए पहली बार टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला था।
सैमी ने 23 साल की उम्र में 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में टेस्ट कररियर का आगाज किया था।
अपने पहले ही मैच की दूसरी पारी में डैरेन सैमी ने 66 रन देकर 7 विकेट झटके थे, जो ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर 1950 के बाद किसी कैरेबियाई गेंदबाज का टेस्ट क्रिकेट में यह सर्वश्रेष्ठ पदार्पण था।
बाद में टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा कामयाब नहीं रहे सैमी
आलराउंडर डैरेन सैमी ने वेस्टइंडीज के लिए 38 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें से 30 में उन्होंने कप्तानी की है। वह अक्टूबर 2010 से मई 2014 तक वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम के कप्तान रहे।
हालांकि आलोचक भी सेंट लूसिया के इस खिलाड़ी की कप्तानी के मुरीद रहे हैं लेकिन बल्लेबाज और गेंदबाज के तौर पर उनके प्रदर्शन पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। एकमात्र शतक के साथ उनका बल्लेबाजी औसत 21.68 है।
जबकि गेंदबाजी में उन्होंने 35.79 की औसत से 84 विकेट लिए हैं।