आपको महान क्रिकेटर अनिल कुंबले के चेहरे पर पट्टी बांधकर गेंदबाजी करते याद होगा। मई, 2002 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ एंटीगा टेस्ट मैच के दौरान कुंबले का जबड़ा टूट गया था और उन्होंने पट्टी बांधकर गेंदबाजी की।
मैदान पर मौजूद दर्शकों ने उनके जज्बे को सलाम किया और जमकर उत्साहवर्धन किया। कुंबले ने चोट के बावजूद लगातार 14 ओवर डाले और महान बल्लेबाज ब्रायन लारा का विकेट भी हासिल किया। इसके बाद वह इलाज कराने के लिए बंगलुरू वापस लौट आए।
अब तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने भी कुंबले जैसा साहस दिखाया और मैच के दौरान पसली टूट जाने के बावजूद जबर्दस्त गेंदबाजी की और उस मैच में मैन ऑफ द मैच भी बने।
दूसरे टेस्ट मैच के दौरान लग गई थी चोट
दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन का क्रिकेट के प्रति जुनून इसी से जाहिर होता है कि भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दौरान पसली टूटने के बावजूद वह खेलते रहे और टीम को जीत दिलाकर ही दम लिया। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने यह रहस्योद्घाटन किया।
स्टेन ने दो सप्ताह पहले खेले गए उस मैच (डरबन टेस्ट) में नौ विकेट लिए और टीम को टेस्ट सीरीज में जीत दिलाई।
सीएसए के एक बयान में दक्षिण अफ्रीका के टीम मैनेजर मोहम्मद मूसाजी ने कहा, " डेलस्टेन डरबन टेस्ट के पहले दिन फील्डिंग करते समय गोता लगाने के दौरान चोटिल हो गए थे।" बड़ी बात यह है कि दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट मैच में स्टेन बुरी तरह से असफल रहे थे।
दाईं तरफ की पसली में हुआ था फ्रैक्चर
उन्होंने कहा, "उन्होंने सीने में हल्के दर्द की शिकायत की थी लेकिन उन्होंने खेलना जारी रखा और टेस्ट में बाकी समय दर्द के साथ खेलते रहे। मैच के बाद जब उनका दर्द बना रहा तो उनका स्कैन किया गया।"
मूसाजी ने बताया कि स्कैन से पता चला कि उनकी दाईं तरफ की आठवीं पसली में हल्का फ्रैक्चर था। वह अगले तीन से चार सप्ताह तक रिहैबिलिटेशन से गुजरेंगे।
उन्होंने कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए फिट हो जाएंगे। हालांकि वह इस चोट के कारण घरेलू टी-20 टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे। स्टेन इस टूर्नामेंट में केपटाउन की कोबराज टीम के लिए खेलते हैं।" द. अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टेस्ट और तीन टी-20 मैच खेले जाएंगे। पहला टेस्ट 12 फरवरी से सेंचुरियन में शुरू होगा।