एशियन गेम्स के लिए चयनित महिला टीम से निकाले जाने का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (एआईटीए) ने युवा स्नेहादेवी रेड्डी को रिजर्व खिलाड़ियों की सूची से भी बाहर कर गहरा झटका दे दिया।
स्नेहा का नाम पहले प्लेइंग टीम में शामिल था लेकिन बाद में उनको रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में डालकर उनकी जगह श्वेता राना को शामिल कर लिया गया।
श्वेता ने दरअसल दावा किया था कि उनकी रैंकिंग अच्छी है इसलिए टीम में उन्हें जगह मिलनी चाहिए जिसके बाद एआईटीए ने यह कदम उठाया।
एआईटीए के इस कदम से निराश बार्सिलोना में अभ्यास कर रहीं स्नेहा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरे साथ यह क्रूर मजाक हुआ है। पहले एआईटीए ने मुझे टीम में रखा। इसके बाद रिजर्व में रख दिया। अब वह कह रहे हैं कि रिजर्व खिलाड़ियों की जरूरत नहीं है जबकि पुरुष टीम में दिविज शरण को रखा गया है।
ईमानदारी से कहूं तो आज सुबह मैं काफी खुश होकर उठी लेकिन यह दूसरा मौका है जब एआईटीए ने मुझे झटका दिया। मैं इसके खिलाफ चुप नहीं बैठने वाली। मैं कभी नहीं भूलूंगी कि उन्होंने मेरे साथ किया क्या है भले ही भविष्य में अब मेरा चयन हो या न हो। जब उन्होंने मुझे रिजर्व में डाला था तो मैं बहुत रोई थी।
सच कहूं तो इसके बाद भी मैंने खुद पर यह कहते हुए संयम रखा कि भविष्य में कुछ न कुछ जरूर अच्छा होगा’ एआईटीए के महासचिव भारत ओझा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘चयन समिति को लगा कि रिजर्व खिलाड़ियों की जरूरत नहीं है। यह सच है कि पहले उनका नाम था लेकिन उनके बिना भी हमारा काम चल जाएगा।’