मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहे उत्तराखंड के संविदा खेल प्रशिक्षकों के लिए खुशखबरी है। मानदेय के फेर में फंसे खेल विभाग के आला अधिकारियों को उत्तर प्रदेश का शासनादेश मिल गया है। इसके बाद उत्तराखंड में भी उत्तर प्रदेश के बराबर ही मानेदय दिए जाने की कवायद होने लगी है।
उत्तराखंड में खेल विभाग के खेल शिविरों में तैनात नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) से डिप्लोमा प्राप्त खेल प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने की कार्रवाई बीते दिसंबर से चल रही है। मगर विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों ने खास फायदे के लिए प्रशिक्षकों का वर्गीकरण कर दिया, जिससे उच्च अधिकारी इसमें उलझकर रह गए।
इस बीच उत्तर प्रदेश में नए वर्गीकरण के साथ संविदा खेल प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का शासनादेश हुआ। यह जानकर उत्तर प्रदेश से शासनादेश मंगाने के निर्देश दिए थे। तीन महीने बीतने के बावजूद शासनादेश नहीं पहुंचने पर ‘अमर उजाला’ ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद विभाग में कार्यरत स्थायी खेल प्रशिक्षक को शासनादेश लेने उत्तर प्रदेश भेजा गया। उप निदेशक खेल अजय अग्रवाल ने शासनादेश मिलने की पुष्टि की है। साथ ही बताया कि उत्तर प्रदेश में जितना मानदेय दिया जा रहा है, उतना ही हम भी प्रस्तावित करेंगे। बस नियुक्ति प्रक्रिया और अन्य मुद्दों में बदलाव किया जाएगा।
ये है यूपी में वर्गीकरण
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और एनआईएस डिप्लोमा - 30 हजार प्रतिमाह
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी- 27 हजार प्रतिमाह
एनआईएस डिप्लोमा- 25 हजार प्रतिमाह
राष्ट्रीय खिलाड़ी -25 हजार प्रतिमाह
राज्य स्तरीय खिलाड़ी- 20 हजार प्रतिमाह
अंतर विश्वविद्यालयी खिलाड़ी- 10 हजार प्रतिमाह