पंजाब यूनिवर्सिटी की दाखिला नीति से चंडीगढ़ के कॉलेजों में पंजाब के विद्यार्थियों से खिलवाड़ हो रहा है। पंजाब के विद्यार्थियों को अनदेखा करने व अन्य राज्यों के छोटे से कोटे में शामिल करने को लेकर विद्यार्थियों में रोष है।
पंजाब के विद्यार्थियों ने उनके भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ वाली नीति में संशोधन करके चंडीगढ़ वाले कोटे में शामिल किए जाने की मांग की है। साथ ही पंजाब सरकार से इस संबंध में ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।
पंजाब यूनिवर्सिटी ने चंडीगढ़ से 12वीं पास करने वालों के लिए 85 फीसदी सीटें आरक्षित की हैं। जबकि पंजाब से 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों के लिए केवल 15 फीसदी पूल (कोटा) में शामिल किया गया है।
पीयू की इस नीति के साथ चंडीगढ़ ने एक बार फिर से पंजाब के हक पर डाका डाला है। पंजाब यूनिवर्सिटी की इस नीति का सबसे ज्यादा खमियाजा चंडीगढ़ के साथ लगते मोहाली, कुराली, खरड़, जीरकपुर, डेराबस्सी आदि क्षेत्रों के विद्यार्थियाें को भुगतना पड़ रहा है जोकि उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ के कॉलेजों पर निर्भर रहते हैं।
पंजाब से 12वीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों ने पंजाब यूनिवर्सिटी से पंजाब के विद्यार्थियों को केवल 15 फीसदी कोटे से बाहर निकालकर चंडीगढ़ वाले 85 फीसदी वाले कोटे में शामिल करने की मांग की है।
शिक्षामंत्री को पता नहीं
उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने पंजाब यूनिवर्सिटी की दाखिला नीति और पंजाब के विद्यार्थियों से शिक्षा मामले में की जा रही धक्केशाही के संबंध में अज्ञानता प्रकट की। उन्होंने इस संबंध में जानकारी प्राप्त करके पंजाब के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ठोस कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
विधायक बोले, पंजाब को हक दिलाएंगे
हलका विधायक जगमोहन सिंह कंग ने पंजाब के विद्यार्थियों को केवल 15 फीसदी कोटे में रखे जाने की नीति की निंदा करते हुए इस नीति को पंजाब के विद्यार्थियों से खुलेआम धक्का बताया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे, ताकि पंजाब को बनता हक मिले सके।