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18 साल से पता था शूटर बिंद्रा बनेंगे 'अभिनव'

Sat, 26 Jul 2014 09:24 AM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अभिनव बिंद्रा ने 13 साल की उम्र में अपने कोच को खत लिख कर कहा था कि एक दिन आपको मुझ पर नाज होगा। यह 18 साल पुरानी बात है। इस दौरान पहले ओलंपिक में और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में अभिनव ने अपनी बात को साबित किया।
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शुक्रवार को ग्लास्को में जैसे ही अभिनव ने गोल्ड पर निशाना साधा, टीवी के सामने बैठे उनके कोच रिटा. कर्नल जेएस ढिल्लों खुशी से उछल पड़े। उनके मुंह से निकला मुझे पूरी उम्मीद थी कि इसबार अभिनव जरूर कामयाब होगा।

ये भी पढ़ें: कोच ने खोले शूटर बिंद्रा के अभिनव बनने के राज

कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग में 10 मीटर में पहला गोल्ड आने पर अभिनव के पिता एस बिंद्रा और चंडीगढ़ के खिलाड़ी भी काफी खुश हैं। एस बिंद्रा ने कहा कि उनके बेटे ने देश का नाम एक बार फिर रोशन किया है। उन्हें उस पर नाज है।
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अभिनव का वो खत, आज भी याद है

सर मेरी शूटिंग में काफी दिलचस्पी है, लेकिन नहीं जानता कि इसमें कैरियर कैसे बनाऊं। उमुझे आप ट्रेनिंग दीजिए। मैं कड़ी मेहनत करूंगा। एक दिन आपको मुझ पर नाज होगा। (अभिनव ने 13 साल की उम्र में यह खत कोच रिटा. कर्नल जेएस ढिल्लों को लिखा था। ढिल्लों इसे पढ़ कर इतना प्रभावित हुए कि अगले ही दिन उन्होंने अभिनव को सेक्टर-35 स्थित अपने घर बुला लिया। घर में बनी शूटिंग रेंज में .1777 जर्मन राइफल से अभिनव ने अपने शूटिंग करियर की शुरुआत की।)

शूटिंग पहला प्यार
उन्होंने बताया अभिनव बिंद्रा का पहला प्यार शूटिंग है। जब वह शूटिंग कर रहा होता है तो उसके लिए कोई चीज मायने नहीं रखती है। वह कई बार घंटों कड़ी धूप में बिना रुके अभ्यास करता रहता है।
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दस मीटर स्पर्धा में किया गोल्ड अपने नाम

ओलंपिक चैंपियन निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने अपने आखिरी कॉमनवेल्थ गेम्स को यादगार बनाते हुए शुक्रवार को दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा का गोल्ड नए रिकॉर्ड के साथ अपनी झोली में डाल लिया। बिंद्रा ने बैरी बडन शूटिंग रेंज में फाइनल में 205.3 अंक लेकर गोल्ड जीता।

वहीं, लुधियाना की 16 साल की मलाइका गोयल ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्द्धा का सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हालांकि मेडल की प्रबल दावेदार हिना सिद्धू 7वें स्थान पर रहीं। मलाइका ने फाइनल में 197.1 का स्कोर बनाया और वह गोल्ड मेडल के लिए कड़े मुकाबले के बाद दूसरे स्थान पर रही।

छह साल की मेहनत रंग लाई
लुधियाना के एलपाइन स्कूल की बारहवीं की छात्रा मलाइका गोयल की उपलब्धि से पूरा परिवार और कोच गदगद हैं। उन्होंने अमर उजाला से अपनी खुशी साझा की और बताया कि किस तरह मलाइका ने आज इस मेडल को हासिल करने में सफलता पाई। कोच गुरजीत सिंह के अनुसार मलाइका 10 साल की थीं, तभी से शूटिंग खेलना शुरू कर दिया था और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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