शहर के ज्वेलियन थ्रो के खिलाड़ी अब वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने बाजुओं की ताकत दिखाने को तैयार हैं। डीएवी कॉलेज के फाइनल यीअर के छात्र परिवंदर सिंह का वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है।
शहर से एकमात्र खिलाड़ी हैं जो भारतीय टीम में चुने गए हैं। चैंपियनशिप 22 से 27 जुलाई तक अमेरिका में खेली जाएगी। इसके लिए भारतीय टीम का कैंप इन दिनों सोनीपत में चल रहा है। इसमें एथलेटिक्स के 10 खिलाड़ी इन दिनों मेहनत कर रहे हैं।
परविंदर ने बताया कि बाकी बच्चों की तरह पहले क्रिकेट मैच देखा करता था। इनके अंकल जेविलियन थ्रो के खिलाड़ी थे। उनकेघर जाने पर और उन्हें अभ्यास करते देख इस खेल के प्रति आकर्षित हो गया। जेविलियन थ्रो से जुड़ी सारी जानकारी उनसे ही जुटाई।
स्पीड, पावर, टेक्नीक महत्वपूर्ण
परविंदर सिंह ने बताया कि जेविलियन थ्रो में जीत के लिए स्पीड, पावर, टेक्नीक तीनों चीजों की जरूरत होती है। अच्छे रन अप लेते हुए अंतिम समय पर भाले को सही टाइम पर छोड़ने से ही जीतने की उम्मीद बंधती है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक
परिवंदर सिंह हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है। वहां पर इनके पिता किसान है और मां हाउस वाइफ है। इसकेबावजूद इनका परिवार परिवंदर की पूरी स्पोर्ट करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम में चयन होने से परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है।
मेडल लेना उद्देश्य
परविंदर सिंह ने कहा कि वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश के लिए मेडल जीतना मेरी प्राथमिकताओं में से एक है। इसकेलिए वह कैंप में कोच वजीर सिंह की देखरेख में रोजाना कड़ा अभ्यास करने में जुटे हुए है।
ये हैं उपलब्धियां
- 2012 में बंगलूरू में यूथ नेशनल में गोल्ड मेडल
- 2012 में पुणे में इंटर जोन में गोल्ड
- 2013 में रांची में खेली गई सैफ गेम्स में 67.63 मीटर भाला फेंक का रिकार्ड कायम किया।