ट्राइसिटी के युवा स्पोर्ट्स के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल है। इन युवाओं ने स्पोर्ट्स में मेडल जीतने के साथ पढ़ाई में भी बेहतरीन अंकों से पास होकर अपनी प्रतिभा साबित की है। इनकी कामयाबी पर आज इनके माता-पिता को नाज है।
तवलीन बतरा: भवन विद्यालय सेक्टर-27 की छात्रा तवलीन बतरा पेशे से गोल्फर हैं और इस बार 12वीं में ऑर्ट्स में 93.5 प्रतिशत हासिल की। थाईलैंड और चीन में अपनी प्रतिभा के झड़े गाड़ चुकीं तवलीन पढ़ाई में भी आगे हैं। दौर केदौरान भी किताबें साथ रखती हैं और जब भी कभी मौका मिलता है तो पढ़ाई भी करती हैं। विदेशी दौर के दौरान क्लास मेट से भी पूरी तरह टच में रहती हैं। तवलीन की इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) में जूनियर में 9वीं रैंक है। तवलीन ने बताया वह गोल्फ में कैरियर तो जारी रखना चाहेगी, साथ ही पढ़ाई करते हुए भविष्य में मनोचक्सिक बनाना चाहती है।
दिव्या: शहर के नामी स्कूल जीएमएसएसएस-10 की प्रिसिंपल इंद्रा बेनीवाल की बेटी दिव्या फेंसिंग की खिलाड़ी हैं। वह कार्मल कावेंट की 12 की छात्रा हैं और आर्ट्स में 95.6 प्रतिशत हासिल किए है। नेशनल स्तर पर तीन बार फेंसिंग में मेडल जीत चुकीं हैं। दिव्या ने बताया खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है। इसके लिए रोजाना सुबह और शाम तलवारबाजी के अभ्यास के बाद पढ़ाई भी नियमित करती हैं। दिव्या फेंसिंग को तो जारी रखेगी साथ ही भविष्य में आईएस या आईपीएस अफसर बनना चाहती है।
शिवम भांवरी: गुरु नानक पब्लिक स्कूल सेक्टर-36 में 12वीं में कॉमर्स में 90 प्रतिशत लेने वाले शिवम भांवरी ओपनिंग बल्लेबाज है। अंडर 16 में 2009-12 तक स्टेट लेवल खेल चुके हैं। पूरे साल 6 महीने से अधिक समय तक कैंप में रहने केबावजूद भी पढ़ाई में इसकी रुचि कम नही हुई है। सुबह और शाम स्टेडियम में तीन से अधक घंटों तक अभ्यास किया साथ ही शाम को पढ़ाई भी की। शिवम के पिता नवल भांवरी के अनुसार, उन्हें बेटे पर नाज है, क्योंकि शिवम ने आजतक ट्यूशन नहीं ली। शिवम ने बताया कि सचिन तेंदुलकर मेरे आदर्श हैं और भविष्य में उनके जैसा बनना चाहता हैं।