उत्तर प्रदेश की बेस्ट बाक्सर रही अल्मोड़ा की हेमलता बगडवाल दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 17वें एशियाई खेलों में इंडियन महिला मुक्केबाजी टीम में बतौर कोच हिस्सा लेंगी।
भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम का चयन
मुक्केबाजी प्रतियोगिता 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक होनी है। हेमलता इन दिनों एशियाई खेलों के लिए चयनित इंडियन महिला मुक्केबाजी टीम को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण दे रही हैं। दिल्ली से हेमलता ने फोन पर बताया कि एनआईएस पटियाला में चयन ट्रायल में भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम का चयन कर लिया गया है।
इसमें एमसी मैरी काम (51 किग्रा), एल सरिता देवी (60 किग्रा), पूजा रानी (75 किग्रा) हैं। अल्मोड़ा स्टेडियम से खेल अपना करियर शुरू करने वाली लमगड़ा ब्लाक के दूरस्थ रणाऊं गांव निवासी चीफ फार्मेसिस्ट एमएस बगडवाल और कमला बगडवाल की बेटी हेमलता के नाम बाक्सिंग में कई कीर्तिमान हैं।
बतौर खिलाड़ी उन्होंने जहां यूपी की बेस्ट बॉक्सर का पुरस्कार जीता वहीं वर्ष 2004 में दिल्ली में हुए नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में वह प्रथम रहीं थी। 2004 में जमशेदपुर में नेशनल बॅक्सिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाली उत्तराखंड टीम की कोच भी रहीं।
हेमलता ने बतौर टीम कोच वर्ष 2006 में दिल्ली में हुई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इंडिया महिला बाक्सिंग टीम को विश्व में पहला स्थान दिलाया। 2007 में तुर्की, 2008 में एशिया, 2010 में चायना में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने महिला टीम को कई पदक दिलाए।
खासकर 2012 में मंगोलिया में हुई एशियन चैंपियनशिप में इंडियन टीम में शामिल स्टार मुक्केबाज एमसी मैरीकाम और एल सरिता देवी ने एक-एक स्वर्ण पदक, तीन सिल्वर मेडल जीते थे।
हेमलता कहती हैं उत्तराखंड में बाक्सिंग के काफी अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन खेल संसाधनों की कमी के कारण वह आगे नहीं बढ़ पाते हैं। वह मानती हैं कि राज्य में खेलों को बढ़ावा मिले, इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।