ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए इंग्लैंड की टीम को ढाई महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन वह अब तक इस धरती पर एक भी जीत हासिल नहीं कर सकी है।
पांच मैचों की एशेज टेस्ट सीरीज में सफाया होने के बाद इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के लगातार दूसरे मैच में भी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड की दौरे में यह लगातार सातवीं हार है।
ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी टीम ने 300 या 300 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है। इससे पहले इस मैदान पर 1997 में वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के 282 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।
फॉकनर की आतिशी पारी ने बिगाड़ा काम
ब्रिसबेन में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में एक समय इंग्लैंड जीत के बेहद करीब पहुंच गया था। जीत के लिए उसे महज एक विकेट की जरूरत थी और ऑस्ट्रेलिया लक्ष्य से 57 रन दूर था।
लेकिन आतिशी बल्लेबाज जेम्स फॉकनर ने करिश्माई पारी खेलते हुए अंतिम बल्लेबाज क्लिंट मैकॉय के साथ अविजित 57 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड को एक बार फिर से जीत से महरूम कर दिया।
फॉकनर ने महज 47 गेंदों में तीन चौके और पांच छक्के की मदद से 69 रनों की अविजित पारी खेली। जबकि उनके साथ दूसरे छोर पर टिके क्लिंट मैकॉय ने नौ गेंदों में दो रन बनाकर बढ़िया साथ दिया।
मोर्गन के शतक से इंग्लैंड ने बनाए 300 रन
इससे पहले इंग्लैंड ने इयोन मोर्गन के शानदार 106 रन की मदद से आठ विकेट पर 300 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। मोर्गन ने अपनी शतकीय पारी में चार चौके और छक्के भी लगाए। मोर्गन के अलावा इयान बेल ने 68 रनों की पारी खेली।
मोर्गन ने पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए विदेशी धरती पर शतक लगाने वाले इंग्लैंड के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। हालांकि कप्तान एलिस्टर कुक ने 22 रन बनाए।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने जेम्स फॉकनर के 69 रन की नाबाद विस्फोटक पारी की मदद से तीन गेंद और एक विकेट शेष रहते रोमांचक जीत हासिल कर ली।
10वें विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी विजयी साझेदारी
मेजबान ऑस्ट्रेलिया के नौ विकेट एक समय 244 रन तक गिर चुके थे लेकिन जेम्स फॉकनर ने आखिरी विकेट के लिए क्लिंट मैकॉय के साथ 5.3 ओवर में 57 रन की साझेदारी कर इंग्लैंड से मैच छीन लिया।
जेम्स फॉकनर के अलावा बल्लेबाज शॉन मार्श ने 55 और ग्लेन मैक्सवेल ने 54 रन का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए नील कोल्टर नाइल, जेम्स फॉकनर और ग्लेन मैक्सवेल ने दो-दो विकेट लिए। इंग्लैंड की ओर से भी तीन गेंदबाजों ने दो-दो विकेट हासिल किए।
फॉकनर और मैकॉय ने 10 विकेट के लिए 57 रनों की अविजित साझेदारी की जो लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी रही। हालांकि इस मामले में सबसे बड़ी साझेदारी 1984 में ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ विंडीज की ओर से 10वें विकेटके लिए विव रिचर्ड्स और माइकल होल्डिंग ने 106 रनों की साझेदारी की थी।