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क्रिकेट के बाद फिल्मों में हाथ आजमाने वाले 9 क्रिकेटर

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अपने-अपने क्षेत्र में सफलता हासिल करने के बाद ज्यादातर बड़े लोगों की ख्वाहिश होती है कि वे रुपहले पर्दे पर भी अपना जलवा बिखेरें। ऐसे सितारे लोगों में खासकर क्रिकेट से जुड़े लोग फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से किस कदर प्रभावित होते हैं, उसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि भारत में रोमांस के मैदान पर क्रिकेट और सिनेमा की जुगलबंदी दशकों से चल रही है।
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लोकप्रियता और कामयाबी हासिल करने के बाद रोमांस के अलावा क्रिकेटरों की दूसरी सबसे बड़ी चाहत रुपहले पर्दे पर चमकने की होती है।

ये तो शुक्र है कि यह विज्ञापन का युग है और इस युग में हर बड़ा भारतीय क्रिकेटर किसी न किसी उत्पाद का प्रचार कर रहा होता है। लाइट, कैमरा और एक्शन सुनने की चाहत रखने वाले हमारे देश के क्रिकेटर कुछ हद तक इससे अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं, बावजूद इसके कई बड़े क्रिकेटर हैं जो फिल्मी पर्दे पर खुद को दिखाने में कामयाब हो गए। हम आपको 9 ऐसे क्रिकेटरों की फिल्मी करियर की कहानी बताने जा रहे हैं।

संदीप पाटिल

संदीप पाटिल, भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा नाम है। वह क्रिकेट के मैदान पर और मैदान के बाहर बेहद सफल खिलाड़ी रहे हैं। उन्‍हें एक आक्रामक बल्‍लेबाज के रूप में जाना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पाटिल टीम इंडिया के कोच रहे। इसके बाद वह केन्या टीम के मुख्य कोच बन गए और अपनी कोचिंग में इस केन्याई टीम को 2003 में वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचाकर सभी को चौंका दिया। 27 सितंबर, 2012 को संदीप भारतीय क्रिकेट टीम के राष्ट्रीय चयनकर्ता बन गए।

क्रिकेट के इतर पाटिल भी रुपहले पर्दे की चमक से खुद को दूर नहीं कर सके और वह भी इसके आकर्षण में घिर गए। उन्होंने 1985 में 'कभी अजनबी थे' में चर्चित अभिनेत्री पूनम ढिल्लो के ऑपोजिट काम किया।

संदीप पाटिल के अलावा इस फिल्म में एक और भारतीय क्रिकेटर दिखाई दिए और वह हैं विकेटकीपर-बल्‍लेबाज सैयद कीरमानी। इस फिल्म में कैरेबियाई क्रिकेटर क्लाइव लॉयड भी थे। (फोटोः यूट्यूब से)

सुनील गावस्कर

भारतीय क्रिकेट के 'लिटिल मास्टर' कहे जाने वाले सुनील गावस्कर ने मैदान पर कई ऐतिहासिक पारियां खेली है। वह अपनी जोरदार बल्‍लेबाजी के कारण जाने जाते थे। वह टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले पहले दुनिया के पहले टेस्ट क्रिकेटर हैं। साथ ही वह 2005 तक सबसे ज्यादा टेस्ट शतक (34) लगाने वाले बल्‍लेबाज थे जिनका रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर ने तोड़ा।

क्रिकेट में ढेरों रिकॉर्ड बनाने वाले गावस्कर ने नवंबर, 1987 को अंतरराष्ट्रीय ‌करियर पर विराम लगा दिया। संन्यास लेने के बाद उन्होंने फिल्मी पर्दे पर अपनी क्रिकेट वाली पारी खेलने का फैसला लिया। उन्होंने 'सावली प्रेमाची' नाम की मराठी फिल्म में काम किया लेकिन यह फिल्म गावस्कर के होने के बावजूद हिट नहीं हो सकी। इसके बाद वह सुपरहिट हिंदी फिल्‍म 'मालामाल' (1988) में गेस्ट की भूमिका में दिखाई ‌दिए।

फिल्मों में अभिनय के अलावा उन्होंने एक गाना भी गाया है जो मराठी भाषा में है। क्रिकेट और निजी जिंदगी से जुड़ा यह गाना काफी लोकप्रिय हुआ था।

कपिल देव

पूर्व कप्तान कपिल देव को भारतीय क्रिकेट के सबसे चहेते क्रिकेटरों में गिना जाता है। वह अपनी बॉलिंग स्टाइल से भी प्रशंसकों को दीवाना बना चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कपिल ने खुद ‌को होटल बिजनेस में व्यस्‍त रखा।

लेकिन वह भी रुपहले पर्दे पर दिखने की अपनी चाहत को छिपा नहीं सके और उन्हें जैसे ही फिल्मों में काम करने का मौका मिला, उसे स्वीकार कर लिया।

2003 में उन्हें क्रिकेट के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म 'स्टंप्ड' में काम करने का ऑफर मिला। इसके बाद उन्होंने 2005 में नसीरुद्दीन शाह और गिरीश कर्नाड की अभिनीत फिल्म 'इकबाल' में भी काम किया। 'इकबाल' में वह राष्ट्रीय टीम चयनकर्ता के रूप में दिखाई दिए।

महान आलराउंडर कपिल देव 2006 में 'आर्यन', 2007 में 'चैन खुली की मैन खुली' और 'मुझसे शादी करोगी' में भी छोटी-छोटी भूमिका में दिखे।

अजय जडेजा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजय जडेजा अपने समय में देश के सबसे सुदर्शन क्रिकेटरों में गिने जाते थे। साथ ही वह अपनी बेहतरीन क्षेत्ररक्षण के लिए भी प्रशंसकों में काफी लो‌कप्रिय थे।

गुजरात के शाही राजपूत खानदान से ताल्लुक रखने वाले जडेजा ने अपने करियर की शुरुआत 1992 में वर्ल्ड कप के दौरान की थी। बाद में उन पर मैच फिक्सिंग के कारण पांच साल का बैन भी लगा दिया गया था, लेकिन 27 जनवरी, 2003 में दिल्‍ली हाई कोर्ट ने उन्हें फिक्सिंग के मामले से बरी कर दिया।

मैच फिक्सिंग के कारण प्रतिबंध का सामना करने वाले अजय जडेजा ने फिल्मी दुनिया में कदम रखने का फैसला लिया। 2003 में सनी देओल और सुनील शेट्टी की मुख्य भूमिका में आई फिल्म 'खेल' में वह पहली बार पर्दे पर दिखे। इसके 5 साल बाद वह फिल्म 'पल पल दिल के साथ' में भी दिखे। पिछले साल अभिषेक कपूर की फिल्म 'काई पो चे' में भी वह रुपहले पर्दे पर नजर आए हालांकि उन्होंने इसमें क्रिकेट कमेंट्रेटर की ही भूमिका निभाई थी। कहना न होगा कि वह क्रिकेट की तरह पर्दे पर कामयाब नहीं हो सके।

विनोद कांबली

सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त और कभी टीम इंडिया के पूर्व मध्य क्रम के बल्‍लेबाज रहे विनोद कांबली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत तेंदुलकर से भी धमाकेदार अंदाज में की थी, लेकिन कुछ ही सालों में उनके करियर का ग्राफ तेजी से गिरता गया और कई मौके दिए जाने के बावजूद टीम में अपनी जगह बरकरार नहीं रख पाए।

क्रिकेट के बाद उन्होंने फिल्मों में हाथ आजमाने की कोशिश की और 2002 में वह संजय दत्त और सुनील शेट्टी स्टारर फिल्म 'अनर्थ' से फिल्मी करियर शुरू की। इस फिल्म में वह सुनील शेट्टी के मित्र बंदया के रूप में दिखाई दिए।

हालांकि उन्हें दूसरी फिल्म के लिए 7 साल का इंतजार करना पड़ा। 2009 में आई ‌फिल्म 'पल पल दिल के साथ' में विनोद कांबली के नाम से पर्दे पर आए। एक मलयालम फिल्म की रिमेक इस फिल्म के नायक की भूमिका टीम इंडिया में उनके साथी रहे अजय जडेजा ने निभाई थी, जबकि नायिका माही गिल थी।

सलिल अंकोला

देखने में बेहद आकर्षक सलिल अंकोला एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जिन्हें टेस्ट और वनडे क्रिकेट में खेलने का मौका मिला। अंकोला अपने क्रिकेट करियर के मध्य में इस खेल को अलविदा कहकर सिनेमाई पर्दे पर छाने की कोशिशों में जुट गए और शुरुआत में उन्हें कुछ सफलता भी मिली।

सोलापुर में जन्में अंकोला ने अपने करियर में एक टेस्ट मैच के अलावा 20 वनडे मैच खेले, साथ ही वह महाराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच खेलते थे। नवंबर, 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट करियर शुरू करने के बाद वह चोटों से काफी परेशान रहे जिस कारण वापसी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। हालांकि बाद में वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम से जुड़ने में कामयाब हो गए, लेकिन उन्हें खराब फील्डिंग के कारण जल्द ‌ही टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

जहां तक उनके फिल्मी करियर की बात है तो शुरुआत बहुत शानदार रही। 2000 में संजय दत्त की फिल्म 'कुरुक्षेत्र' में उन्होंने पुलिस अफसर का रोल निभाया। उनकी पहली फिल्म जरूर हिट रही लेकिन उसका फायदा उठाने में कामयाब नहीं रहे। इसके बाद वह 'पिता' (2002), 'चुरा लिया है तुमने' (2003) और 'साइलेंस प्लीज' (2004) जैसी फिल्मों में भी दिखाई दिए।

बड़े पर्दे के बाद उन्होंने वह छोटे पर्दे पर भी किस्मत आजमाया। उन्हें कई सीरियलों (सीआईडी और बिग बॉस-1 आदि) में काम मिला, लेकिन वह उतना नहीं कर सके जितना उन्होंने सोच रखा होगा। (फोटो- कोईमोई डॉट कॉम)

हरभजन सिंह

'टर्बनेटर' के नाम से मशहूर हरभजन सिंह इस समय टीम इंडिया से बाहर जरूर हैं लेकिन कभी उन्हें मैच जिताऊ खिलाड़ी के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपनी फिरकी गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया को कई शानदार जीत दिलाई है।

नाचने-गाने के शौकीन हरभजन भी फिल्मी पर्दे पर अपने लटके-झटके दिखाने का मन रोक नहीं पाए। उन्होंने भी कुछ फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए हैं। पहली बार वह पर्दे पर 2004 में आई फिल्म 'मुझसे शादी करोगी' में दिखे। इस फिल्म में वह भारत और पाकिस्तान के बीच एक मैत्री मैच खेलते दिखाई दिए, जिसमें वह हीरो को खुलकर बोलने के लिए कहते हैं।

साथ ही उन्होंने एक पंजाबी फिल्म 'भा जी इन प्रॉब्लम' में पुलिसिया किरदार में नजर आए। बतौर नायक हरमन बवेजा की फिल्म 'विक्ट्री' में कई क्रिकेटर फिल्म में मैच खेलते नजर आए। हरभजन के अलावा इस फिल्म में सुरेश रैना, रोहित शर्मा, ब्रेट ली, प्रवीण कुमार और शोएब मलिक समेत दुनियाभर के ढेरों क्रिकेटर पर्दे पर मैच खेलते दिखाई दिए। (फोटोः इन डॉट कॉम)

वेंकटेश प्रसाद

यह अलग बात है कि भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत ज्यादा नहीं चला, लेकिन वह पा‌किस्तान के खिलाफ भारत के लिए काफी लकी गेंदबाज माने जाते थे। उन्होंने कुल 229 मैच (33 टेस्ट और 196 वनडे) खेले हैं जिसमें 96 टेस्ट और 161 वनडे विकेट झटके।

वेंकी के नाम से मशहूर इस गेंदबाज की जोड़ी जवागल श्रीनाथ के साथ खूब सफल रही थी। 2001 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह कोचिंग के क्षेत्र में उतर गए। फिलहाल वह आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू के कोच हैं।

उन्होंने 45 साल की उम्र में इस साल एक कन्‍नड फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की। 'सचिन! तेंदुलकर आला' नाम की इस फिल्म में वह एक क्रिकेट कोच की भूमिका में दिखे। इस फिल्म की कहानी सचिन नाम के बच्चे की है जो तेंदुलकर की तरह क्रिकेट में बड़ा नाम कमाना चाहता है और उसके लिए उसे कितना संघर्ष करना पड़ता है।

इसके बाद उनकी कोई और फिल्म आई ऐसा याद नहीं पड़ता।
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नवजोत सिंह सिद्धू

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने फिल्मों की ओर रूख तो नहीं किया लेकिन वह छोटे पर्दे पर लगातार बने रहे। संन्यास के बाद अपनी अनोखी कमेंट्री अंदाज के कारण वह जल्द ह‌ी बेहद पॉपुलर हो गए। उनकी वनलाइनर कमेंट्री को 'सिद्धूवाद' का नाम दिया गया।

सिद्धू 'द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज' में जज की भूमिका में दिखे। वह करीना-करीना नाम के धारावाहिक में भी दिखाई दिए। बाद में वह रिएल्टी शो में बिग बॉस के छठे संस्करण में शामिल हुए लेकिन राजनीतिक कारणों से बाद में इससे हट गए।

अभी वह 'कॉमेडी नाइटस विद कपिल' नाम के शो में दिखाई दे रहे हैं। अगर देखा जाए तो भारतीय क्रिकेटरों में सिर्फ सिद्धू ही एकमात्र क्रिकेटर हैं जिन्हें स्क्रीन पर जोरदार कामयाबी मिली।

हालांकि वह अक्षय कुमार, सलमान खान और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म 'मुझसे शादी करोगी' में कई क्रिकेटरों के साथ दिखाई दिए थे। इस फिल्म में सिद्धू और कपिल देव के अलावा इरफान पठान, मोहम्मद कैफ, पार्थिव पटेल, जवागल श्रीनाथ और आशीष नेहरा भी दिखे थे।
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