ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चार करोड़ की लागत से तैयार सिंथेटिक ट्रैक को किसी ने जला दिया। इस ट्रैक को कोरिया से आए इंजीनियरों ने तैयार किया था और नेशनल, इंटरनेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ी यहीं प्रैक्टिस करते थे। अब इस ट्रैक की रिपेयरिंग कर पाना भी इतना आसान नहीं होगा, लेकिन जिम्मेदारी लेने पर अफसरों के गोलमोल जवाब हैं।
इस सिंथेटिक ट्रैक पर राज्य के विभिन्न जिलों के करीब 200 खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं और वे इसी ग्राउंड में सुबह चार से पांच घंटे पसीना बहाते हैं। यूथ एशियन में पोजिशन पाने वाले खिलाड़ियों को ही कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने का मौका मिलेगा।
ट्रैक जलने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस में तो पहली बाधा आई और बाकी कसर अफसरशाही ने पूरी कर दी। इसी कांप्लेक्स में 25 अप्रैल से 9 मई तक महिला पुलिस की भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट आयोजित कर लिया गया। यह टेस्ट सुबह से शाम तक चलना है। इसी भर्ती के कारण अफसरशाही ने खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए कांप्लेक्स से बाहर करने का फैसला भी ले लिया।
वह भी ऐसे समय में, जब खिलाड़ी नेशनल लेवल की प्रतियोगिता जीतकर 12 जून से होने वाले यूथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार का दावा है, ‘पदक लाओ पद पाओ’, लेकिन बिना प्रैक्टिस ग्राउंड के खिलाड़ियों से अधिक पदकों की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
स्पोर्ट्स अधिकारी का कहना है कि सिंथेटिक ट्रैक को जलाना किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है, जबकि हरियाणा पुलिस भर्ती बोर्ड केअधिकारी इस संबंध में बात तक करने को तैयार नहीं है।
अब अफसरों की सुनिए
खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। रहा सवाल सिंथेटिक ट्रैक जलने का तो इस संबंध में डीएसओ से जवाब तलब किया जाएगा।
- डा. एसएस फुलिया, उपायुक्त, पंचकूला
टेस्ट जरूरी है कि खिलाड़ियों की प्रैक्टिस?
- जेएस मान, चेयरमैन, पुलिस भर्ती बोर्ड, हरियाणा
स्पोर्ट्स ग्राउंड के लिए परमिशन प्रशासन देता है। रहा सवाल सिंथेटिक ट्रैक जलने का, तो यह किसी शरारती तत्व का काम है।
- डीके राणा, जिला खेल अधिकारी, पंचकूला
खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़
यहां स्पोर्ट्स के नाम पर मजाक हो रहा है। कभी नाइट्स प्रोग्राम का ठेका देंगे तो कभी किसी और इवेंट के लिए। खिलाड़ियों के प्रैक्टिस पर किसी का ध्यान ही नहीं है।
- अमीर सिंह, अर्जुन अवार्डी, वालीबॉल खिलाड़ी
करोड़ों का सिंथेटिक ट्रैक प्रैक्टिस के लिए है, फिजिकल टेस्ट के लिए नहीं। भर्ती का काम ऑडिनरी ग्राउंड में भी किया जा सकता है। यदि सिंथेटिक ट्रैक पर ही टेस्ट होना चाहिए तो मधुबन में पुलिस विभाग का ट्रैक है। पुलिस भर्ती बोर्ड का टेस्ट वहीं करवाना चाहिए। क्योंकि खिलाड़ी इस समय एशियन, यूथ ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में जुटे हैं और उनके लिए एक-एक दिन महत्वपूर्ण है।
- रामकिशन उपाध्याय, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
ऑल इंडिया इंटर स्टेट ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की प्रैक्टिस कर रही हूं। 25 अप्रैल से ग्राउंड में प्रैक्टिस के लिए आने से मना किया गया है। इसी साल कामनवेल्थ गेम्स भी होना है। प्रैक्टिस नहीं होगी तो कैसे दौड़ूंगी।
- शिक्षा, खिलाड़ी, पंचकूला
नेशनल में पदक हासिल करने के बाद 12 जून से होने वाले जूनियर एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिला है, लेकिन 25 अप्रैल से पुलिस की भर्ती है। सुनने में आया है कि करीब तीन माह प्रैक्टिस नहीं हो पाएगी। हमलोग प्रैक्टिस कहां करेंगे?
- परमिंदर, पानीपत
गवर्नमेंट खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्च करती है। करोड़ों की लागत से बना सिंथेटिक ट्रैक जला दिया गया। खिलाड़ियों की प्रैक्टिस भी 25 अप्रैल से बंद करवा दी जाएगी, फिर खिलाड़ी प्रैक्टिस कहां करेंगे?
- योगेश गौतम, खिलाड़ी, पंचकूला