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ऑकलैंड टेस्ट: तीसरे दिन गिरे 17 विकेट

Sat, 08 Feb 2014 05:12 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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ऑकलैंड टेस्ट के तीसरे दिन भारत ने अपनी पहली पारी को आगे बढ़ाया लेकिन जल्द ही कल के नाबाद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे चार रन और जोड़कर आउट हो गए। इसके बाद रोहित शर्मा भी 72 रन बनाकर आउट हो गए।
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दोनों ने कल चौथे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी कर टीम की उम्मीदों को जगा दिया था, लेकिन आज दोनों ही नाकाम रहे। इस दौरे में वनडे सीरीज में लगातार तीन अर्धशतक लगाने वाले भारतीय कप्तान धोनी भी जल्द आउट हो गए। वह महज 10 रन ही बना पाए।

धोनी के जाने के बाद क्रीज पर रवींद्र जडेजा और जहीर खान नए बल्लेबाज के रूप मे थे। निल वागनेर ने जहीर (14) को आउट कर भारत को आठवां झटका दिया। इसके बाद जडेजा ने तेजी से खेलते हुए भारत का स्कोर दो सौ के पार करा दिया। लेकिन इशांत शर्मा (0) और मोहम्मद शमी (2) के आउट हो जाने से भारतीय पारी लंच से 202 रन बनाकर आउट हो गई।
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मोहम्मद शमी ने डाला ऐसा जादू!

भारत ने महज 72 रन जोड़कर अपने अंतिम छह विकेट गंवा दिए। टीम इंडिया के सिर्फ 202 रन पर आउट हो जाने से न्यूजीलैंड को 301 रनों की बढ़त हासिल हुई, लेकिन मेजबान टीम ने भारत को फॉलोऑन देने के बजाए खुद बल्‍लेबाजी करने का फैसला लिया।  

लेकिन बल्‍लेबाजों की नाकामी को भारत की तेज गेंदबाजी विभाग खासकर मोहम्मद शमी ने कुछ हद तक धोने की कोशिश की। शमी पहली पारी में नाकाम रहे थे और महज एक विकेट ही ले सके थे।

लेकिन दूसरी पारी में वह बदले हुए अंदाज में गेंदबाजी करने आए और पहले ही ओवर की अंतिम गेंद पर हैमिश रदरफोर्ड (0) को पगबाधा कराकर भारत को शुरुआती सफलता दिला दी। इसके बाद शमी ने अपने अगले ओवर की अंतिम ही गेंद पर दूसरे ओपनर पीटर फुल्टन (5) को रवींद्र जडेजा के हाथों कैच आउट कराकर न्‍यजीलैंड का स्कोर दो विकेट पर नौ रन कर दिया।

जहीर ने फिर विलियम्सन को बनाया अपना निशाना

न्यूजीलैंड के केन विलियम्सन ऐसे बल्‍लेबाज हैं जिसे जल्दी आउट कर पाना भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ा मुश्किल रहा है। वह पिछली छह पारियों में पांच अर्धशतक और एक शतक जमा चुके हैं।

लेकिन दूसरी पारी में विलियम्सन को टिकने से पहले ही अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान ने रवींद्र जडेजा के हाथों कैच आउट कराया। केन विलियम्सन जब आउट हुए उस समय उन्होंने महज तीन रन बनाए थे। इससे पहले पहली पारी में भी जहीर ने उन्हें कैच आउट किया था।

11 रन पर तीन विकेट गंवाकर न्यूजीलैंड थोड़ा बैकफुट पर दिख रहा था और उसे उम्मीद थी कि पहली पारी में दोहरा शतक लगाने वाले ब्रेंडन मैकुलम इस पारी में भी कमाल करेंगे, लेकिन वह महज एक रन बनाने के बाद रन आउट हो गए। किवी टीम जब लंच के लिए पवेलियन लौटी तो उस समय स्कोरबोर्ड पर उसका स्कोर था चार विकेट पर 15 रन।

लंच के बाद भारत ने झटके तीन और विकेट

भारत भले ही लंच के समय तक न्यूजीलैंड से 316 रन पिछड़ा हुआ था, लेकिन उसक तेज गेंदबाजों ने मैच में वापसी की आस बढ़ा दी थी।

लंच के बाद लौटने पर पूर्व कप्तान रॉस टेलर ने अपना विकेट कुछ देर सुरक्षित रखते हुए स्कोर चलायमान किए रखा। लेकिन मोहम्मद शमी ने अपनी तीसरी सफलता हासिल करते हुए आतिशी बल्‍लेबाज कोरी एंडरसन (2) को छकाते हुए बोल्ड कर दिया। न्यूजीलैंड के पांच विकेट महज 25 रन पर गिर गए थे। किवी टीम ने बड़ी मुश्किल से 24 ओवर में अपने पचास रन पूरे किए।

इसके बाद जहीर खान ने भारत के लिए फिर खतरनाक साबित हो रहे रॉस टेलर को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट कराकर चलता किया। फिर रवींद्र जडेजा ने टिम साउदी (14) को कैच आउट कराकर पवेलियन की राह दिखा दी। साउदी के आउट होते ही टी-ब्रेक कर दिया गया। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर था 78 रन पर सात विकेट।

इशांत ने झटके अंतिम तीनों विकेट

तेज गेंदबाजों ने ताबड़तोड़ सफलता हासिल करते हुए टीम इंडिया में एक बार फिर जोश्‍ा का संचार कर दिया। भारतीय क्षेत्ररक्षक भी जोश में आ गए। भारत का अगला लक्ष्य मेजबान टीम को सौ रन के अंदर ऑलआउट करना था।

विकेटकीपर-बल्‍लेबाज ब्रेडली जॉन वॉटलिंग (11) ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए 72 गेंद खेल डाले। उन्‍हें जल्द आउट करने के लिए कप्तान धोनी ने गेंद इशांत शर्मा को थमाई। इशांत ने पहली पारी में भी वॉटलिंग का विकेट झटका था और वह दूसरी पारी में भी इस बल्‍लेबाज को आउट करने में सफल रहे।

वॉटलिंग को बोल्ड करने के बाद इशांत ने इश सोढ़ी (0) और निल वागनेर (14) को कैच आउट कराकर ‌किवी पारी का अंत कर दिया। लेकिन तब तक न्यूजीलैंड ने वागनेर और ट्रेंट बॉल्ट के बीच 10वें विकेट के लिए हुई 25 रनों की साझेदारी ने सौ रन के अंदर आउट करने की भारत की योजना पर पानी डाल दिया।

अनलकी रहे मुरली विजय

पहली पारी में 301 रन से पिछड़ने और दूसरी पारी में न्यूजीलैंड के बनाए 105 रन के कारण भारत को मैच में जीत हासिल करने के ‌लिए 407 रनों का विशाल लक्ष्य मिला।

गेंदबाजों के शानदार खेल के बाद अब बारी भारतीय बल्‍लेबाजों की थी। शिखर धवन और मुरली विजय की जोड़ी पहली पारी में एक रन की भी साझेदारी न‌हीं कर सकी थी, लेकिन दूसरी पारी में दोनों ने सुलझी हुई बल्‍लेबाजी की और आठ ओवर में 36 रनों की साझेदारी कर डाली।

दोनों बेहद संभलकर खेल रहे थे लेकिन आठवें ओवर की अंतिम गेंद पर बाहर जाती गेंद को छेड़ने के प्रयास में विजय कैच आउट करार दे दिए गए। हालांकि टीवी रिप्ले में दिख रहा था कि गेंद ने बल्‍ले को टच नहीं किया है। यह सफलता टिम साउदी को मिली। विजय 13 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
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धवन ने दिखाया साहस और लौटै फॉर्म में

शिखर धवन इस दौरे में अब तक बुरी तरह से फ्लॉप रहे थे और उनके टीम में रखे जाने पर सवाल भी उठने लगे थे। लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने जिस अंदाज में बल्‍लेबाजी की उससे न सिर्फ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा बल्कि टीम के लिए फायदेमंद भी साबित होगा।

धवन ने चेतेश्वर पुजारा के साथ भारत को खेल के तीसरे दिन और कोई झटका नहीं लगने दिया। बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने स्टंप्स के समय 49 रन बनाने के ‌लिए 70 गेंदें खेली, जबकि पुजारा ने 61 गेंदों में 22 रन बनाकर वापस पवेलियन लौटे।

दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 51 रनों की अविजित साझेदारी हो चुकी है। भारत को मैच जीतने के लिए अगले दो दिनों में 320 रन और बनाने होंगे जबकि उसके पास नौ विकेट शेष है।
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