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सच्चे कार्यकर्ताओं की अनदेखी, जिनके काम हुए, वे मौका देखकर निकल गए

Mon, 03 Nov 2014 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
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विधानसभा चुनाव के बाद पहली बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुबार फूटा।
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कुछ ने हार का ठीकरा पूर्व विधायक बी. बी. बतरा के सिर फोड़ा तो कुछ ने पार्टी छोड़कर गए नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। कहा, राज के वक्त सच्चे कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हुई।

जिन कार्यकर्ताओं और नेताओं के काम हुए, वे मौका आने पर हाथ छोड़कर निकल लिए। मंथन हुआ, चिंतन हुआ और हंगामा भी।

लेकिन इतना जरूर साफ हो गया कि सांसद से लेकर छोटे से छोटे कार्यकर्ता के मन में रोहतक सीट हारने का मलाल था। सांसद ने इसे माना भी।

मंच पर बैठे नेताओं ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दबाने का प्रयास करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना भी साधा। मॉडल टाउन स्थित कम्यूनिटी सेंटर में बैठक रविवार शाम 4 बजे शुरू हुई। लेकिन सांसद यहां शाम 6 बजे पहुंचे।
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भाजपा से कर्ज न उतरे तो हमें सौंपे राज: दीपेंद्र
सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा को शुभकामना देते हुए कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश को नंबर वन बनाया है। इसका विकास का पहिया चलता रहना चाहिए। सत्ताधारी भाजपा बड़ी बात कर दिखावा कर रही है, लेकिन भाषणों से देश नहीं चलता। किसी सरकार को काम किए बिना पास या फेल करना गलत है। भाजपा कहती है कि प्रदेश को कर्ज में छोड़ा है, जबकि गुजरात 30 हजार करोड़ और पंजाब 36 हजार करोड़ के कर्ज में डूबे हैं। यदि भाजपा को लगता है कि प्रदेश इस कर्ज से बाहर नहीं आ सकता तो हमें राज सौंप दें, काम करके दिखा देंगे। कहा, कांग्रेस शासन में मेहनत से काम किया है। अब विपक्ष में रह कर इमानदारी से अपनी भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा को देश का इतिहास नहीं भविष्य बदलना चाहिए, जबकि वे इंदिरा गांधी व जवाहर लाल नेहरू के इतिहास को बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
हार का दुख भी झलका
चुनावी हार का दुख भी सांसद के भाषण में झलका। बागी नेताओं व कार्यकर्ताओं के संबंध में मंच पर कहा कि प्रभु मुझे हर तरह का समय दिखाना। इससे मैं अपने असली दोस्तों और दुश्मनों को पहचान सकूं। रोहतक सीट हारने का मलाल जरूर है। कहा चुनाव में साथ छोड़ने वालों को भी याद रखा जाएगा।
पूर्व विधायक ने मंच से दिया जवाब
पूर्व विधायक बी. बी. बतरा ने कहा, दो-चार लोगों को ही उनसे समस्या है। बाकी सभी उनके साथ हैं। उनका सपना था शहर का विकास हो। शहर को माइक्रो डेवलपमेंट बनाना उनका संकल्प है। हार का कोई गिला-शिकवा नहीं है। शायद कहीं कमियां रही होंगी। शहर के लिए क्या किया, वह 6 माह में साफ हो जाएगा। पार्टी छोड़कर जाने वालों से अब कोई लेना देना नहीं है। 31 दिसंबर तक चलाए जा रहे कार्यकर्ता पंजीकरण कार्यक्रम में अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं।
झलकियां:
पर्ची देने वालों का नहीं रुका सिलसिला।
सांसद के कहने पर शांत हुए कार्यकर्ता।
सांसद के देरी से आने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि यही प्रणाली तो कार्यकर्ताओं को विमुख करती है।
चार बजे कार्यकर्ता बैठक के लिए पहुंचे। 40 मिनट बाद पूर्व विधायक बतरा और साढ़े 6 बजे सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे।
मेयर रेणू डाबला, अनिता मिगलानी, चक्रवर्ती शर्मा, शुभराम वाल्मीकि, रमेश खुराना, पूर्व डीएसपी ढल सिंह, रघबीर सैनी, रोशनलाल उप्पल, राजेश बोहत, आनंद स्वरूप, अजीत जैन, अशोक काका, गुलशन डंग, राज गोयल, अमर अरोड़ा ने कांग्रेस के बागी नेताओं को आडे़ हाथों लिया।
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महावीर देशवाल, प्रवीन भालौठ, महेंद्र मारवाडी व पाड़ा मोहल्ला की रीटा ने पूर्व विधायक बी. बी. बतरा के व्यवहार पर आपत्ति जताई।
इस मौके पर प्रो. वीरेंद्र सिंह, सिद्धार्थ बतरा, बलराम दांगी, अजय सिंघानिया, संजय सैनी,  देवेंद्र भारत, अशोक भाटी, संजीव कल्याण, पंकज सचदेवा टिंचू, मृदुला शर्मा, सीताराम सचदेवा, सोनू बुधवार, साहब सिंह, ललित मोहन सैनी उपस्थित रहे।
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