खराब परिणामों की शिकायत से आजिज आ चुके एमडीयू प्रशासन ने अब शिकायतों पर गौर करना शुरू कर दिया है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधू के निर्देश पर तीन कॉलेजों की कॉपियों को दोबारा जंचवाया गया है, हालांकि एक भी विद्यार्थी के परिणाम में कोई बदलाव नहीं पाया गया।
एमडीयू प्रशासन ने खराब परिणामों की शिकायत पर कॉपियों को दोबारा जांचने का निर्णय लिया था। राजकीय महिला महाविद्यालय नारनौल, ताऊ देवीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय मुरथल और डीएवी शताब्दी कॉलेज फरीदाबाद की छात्राओं ने खराब परिणाम की शिकायत की थी।
छात्राओं का आरोप था कि परिणाम में कोई चूक हुई है। छात्राओं ने मांग की थी कि उनकी कॉपियों की जांच दोबारा कराई जाए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तीनों कॉलेजों की संबंधित कॉपियों की जांच दोबारा कराई है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधू ने बताया कि तीनों कॉलेजों की छात्राओं के मांग पत्र जो कि संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों द्वारा अग्रेषित किए गए थे, पर संज्ञान लिया गया। जांच के दौरान डीएवी कॉलेज फरीदाबाद को छोड़ कर संबंधित दोनों कॉलेजों के विषय विशेषज्ञ और प्राचार्य भी मौजूद थे। दोबारा जांच के बाद भी किसी छात्रा के परिणाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इनका कहना है...
यूनिवर्सिटी प्रशासन पारदर्शिता, पूरी तत्परता और बिना किसी भेदभाव के परीक्षा मूल्यांकन कार्य संचालित करता है। मूल्यांकन कार्य यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के शिक्षक करते हैं, न कि कोई बाहरी एजेंसी। विद्यार्थियों का किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
डॉ. बीएस सिंधू, परीक्षा नियंत्रक एमडीयू रोहतक।