घर से शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकले एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक पर मिलने से हड़कंप मच गया। जबकि घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर उसकी बाइक गली में लावारिस हालत में खड़ी मिली। सूचना मिलने पर पहले राजकीय रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शिनाख्त के बाद उसके परिजनों को मौके पर बुलाया। पुलिस का कहना है कि युवक ने आत्महत्या की है, तो परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होने की संभावना है।
लाइनपार के शंकर गार्डन में रहने वाला नवीन (22) बहादुरगढ़ में ही बिजली फिटिंग का कार्य करता था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। पिता मदनलाल ने बताया कि नवीन घर पर किसी शादी समारोह में जाने की बात कहकर बाइक लेकर निकला था। उसके साथ दो अन्य युवक भी थे। मगर रात बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा। रविवार की सुबह जीआरपी थाने से सूचना मिली कि उसके बेटे का शव रेलवे लाइन पर पड़ा हुआ है। उसके सिर और शरीर के कई अन्य हिस्सों में ट्रैक की टक्कर लगी हुई है। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि जिस स्थान पर शव पड़ा हुआ था उससे कुछ ही दूरी पर उसकी बाइक भी लावारिस हालत में खड़ी मिली।
राजकीय रेलवे पुलिस अधिकारी सुखबीर सिंह और अनुसंधान अधिकारी दलबीर का कहना है कि मौके से जांच पड़ताल से उन्हें नजर आया कि युवक ने किसी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। हालांकि उनका कहना था कि परिजनों को यदि उसकी मौत को लेकर कोई शक है तो उसके आधार पर भी वे जांच आगे बढ़ाएंगे। साथ में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी खुलासा हो जाएगा। शुक्रवार को काफी संख्या में मृतक के साथी और परिवार के लोग राजकीय रेलवे पुलिस थाना में पहुंचे। नवीन के पिता मदनलाल ने बेटे द्वारा आत्महत्या किए जाने से साफ इंकार किया है। उन्होंने शक जाहिर किया कि उसके बेटे की हत्या कर बाद में शव को रेल ट्रैक के पास डाला गया है। जिसके चलते नवीन की मौत का रहस्य पेचीदा हो गया है।
मोबाइल काल डिटेल भी खंगालेंगे
उप पुलिस निरीक्षक सुखबीर का कहना है कि मौके पर मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन और उसकी बाइक की चाबी मिली है। उसके परिजन यदि हत्या की आशंका जाता रहे हैं तो मोबाइल की काल डिटेल भी निकालवाई जाएगी। साथ में यह भी पता लगाया जाएगा कि रात को जिस समय यह घटना हुई उससे पहले उसके साथ कौन-कौन युवक थे और उनकी किस-किस से बातचीत हुई है।
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फोटो 10 : जीआरपी थाने में मौजूद पीड़ित परिजन।