जाम लगाकर नारेबाजी करतीं छात्राएं।
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हरदोई। बोर्ड परीक्षाआें के अंकपत्र और प्रमाणपत्र न मिलने से नाराज आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज पिहानी चुंगी शाखा की छात्राआें ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। पिहानी चुंगी पर जाम लगाकर नारेबाजी की। जानकारी पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर और क्षेत्राधिकार नगर ने छात्राओं को समझाकर जाम खुलवाया।
आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज की मुख्य शाखा बड़े चौराहे पर है। इसी विद्यालय की एक शाखा पिहानी चुंगी पर भी है। पिहानी चुंगी शाखा में हाईस्कूल में पढ़ने वाली छात्राआें की परीक्षा मुख्य शाखा में होती है। बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने के बाद छात्राएं अंकपत्र और प्रमाणपत्र तीन जुलाई को मिलने की उम्मीद लगाए थीं। बुधवार को पिहानी चुंगी स्थित इंटर कॉलेज में पहुंची छात्राआें को जब अंक और प्रमाण पत्र नहीं मिले तो इन लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। छात्राआें ने विद्यालय के बाहर आकर पिहानी चुंगी पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसडीएम आशीष कुमार सिंह और सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक छात्राओं को समझाने के बाद मामला सुलझ गया।
छात्राआें के कंधे पर रखकर किसने साधा निशाना
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि छात्राआें को सड़क जाम करने के लिए उकसाया गया था। छात्राएं शांत स्वभाव से अंकपत्र और प्रमाणपत्र लेने आई थीं। बताया जाता है कि विद्यालय में उपस्थित कथित प्रभारी प्रधानाचार्या ने छात्राओं से बद्जुबानी की, जिसके बाद मामला बिगड़ता चला गया। दरअसल तत्कालीन प्रबंधक की सांठगांठ के चलते शशि कनौजिया को पिहानी चुंगी शाखा का प्रभारी प्रधानाचार्य बना दिया गया था। पिछले कई साल से वह कार्यभार संभाल रहीं थीं। आर्य समाज और उसकी संस्थाआें का प्रशासक बीते दिनों राजीव रंजन मिश्र को बना दिया गया था। उन्होंने शशि कनौजिया को उनके मूल पद मुख्य शाखा में अर्थशास्त्र की प्रवक्ता के पद पर भेज दिया था। इसके आदेश जारी होने के सात दिन के अंदर चार्ज हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए गए थे। सूत्र बताते हैं कि शशि कनौजिया ने मंगलवार को प्रशासक को पत्र देकर चार्ज सौंपने के लिए सात दिन और मांगे। चर्चा यह है कि पिहानी चुंगी शाखा में निर्माण कार्यों से लेकर विद्यालय परिसर में विवाह के लिए होने वाली बुकिंग तक में बड़े पैमाने पर गोलमाल है। इसके चलते ही चार्ज देने में आना कानी की जा रही थी।
डीआईओएस ने लगाई फटकार
छात्राआें द्वारा जाम लगाने की जानकारी पर डीआईओएस कमलाकर पांडे भी विद्यालय पहुंच गए थे। कथित प्रभारी प्रधानाचार्य शशि कनौजिया उन्हें वहीं मिलीं। वह प्रधानाचार्य के कक्ष में मौजूद थीं। विद्यालय के अन्य सभी कक्षाें में ताला पड़ा हुआ था। इस पर डीआईओएस ने उनकी फटकार लगाई। डीआईओएस का कहना था कि जब छात्राएं यूनिफार्म पहनकर स्कूल आईं तो फिर कक्षा कक्षों में ताला क्यों पड़ा था। इसके अलावा उनका कहना यह भी था कि प्रधानाचार्या के मौजूद रहते आखिर छात्राएं कैसे विद्यालय के बाहर निकल गईं और जाम लगा दिया।
पूर्व में गलत ढंग से शशि कनौजिया को प्रभार दे दिया गया था। उनसे प्रभार वापस लिया गया है। वहां के बारे में कई अन्य खामियाें की जानकारी भी मिली है। बदलाव के कारण कुछ अव्यवस्था हुई है लेकिन छात्राओं का यह कृत्य समझ से परे है। निश्चित रूप से संभ्रांत परिवाराें की बच्चियाें को किसी ने मिसगाइड कर सड़क पर उतार दिया। राजीव रंजन मिश्र, प्रशासक, आर्य समाज हरदोई