सात बीघा जमीन का 11 लाख रुपये में सौदा किया। सात लाख 80 हजार रुपये हाथों हाथ लिए। बाकी रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई। रजिस्ट्री से ठीक पहले जमीन बेचने वाले ने अपनी सारी जमीन अपने बेटों के नाम कर दी। धोखाधड़ी से जिसे जमीन बेची थी, उससे समझौते के कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए।
यह धोखा हुआ प्रेम नगर वासी बलबीर के साथ। धोखा करने वाला भी गांव का ही है। पुलिस ने शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को धोखा करने वाले और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों का पुलिस ने जेल में भेज दिया है।
यूं हुआ धोखा
प्रेम नगर गांव वासी दलबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने प्रेम नगर वासी राज कुमार से सात बीघा जमीन खरीदी थी। 11 लाख में सौदा हुआ और सात लाख 80 हजार रुपये दे दिए। बाकी रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई और रजिस्ट्री के लिए एक दिन भी निर्धारित कर दी। रजिस्ट्री के लिए निर्धारित समय से पहले ही राज कुमार ने अपनी जमीन अपने बेटों के नाम कर दी।
फंसने से बचने के लिए संदीप नामक व्यक्ति का सहारा लिया और धोखे से समझौते पर हस्ताक्षर करा लिए। रुपये मांगे तो रुपये देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने शिकायत पर चार अक्टूबर 2013 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। मामले में दोनों फरार चल रहे थे।
बृहस्पतिवार को सदर थाना प्रभारी लीलाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव में छापा मारकर आरोपी राज कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एसएचओ लीलाराम ने बताया कि धोखाधड़ी के केस में पकड़े राज कुमार और संदीप को जेल भेज दिया गया है।