प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल को लेकर गुपचुप मगर लंबा विचार-विमर्श किया। सोनिया और पीएम की इस मुलाकात के साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दर्जनभर नए चेहरों का मंत्रिमंडल में आगमन लगभग तय माना जा रहा है। फेरबदल को लेकर चुनावी लिहाज से समीकरण देखे जा रहे हैं। वहीं, नाकारा मंत्रियों पर तलवार लटक रही है।
कांग्रेस कार्यसमिति की मंगलवार को हो रही बैठक के बाद भी पीएम-सोनिया की अलग से चर्चा की उम्मीद है, जिसमें कैबिनेट में फेरबदल का रोड मैप फाइनल किए जाने के आसार हैं। वैसे सरकार में प्रस्तावित फेरबदल को इसी हफ्ते अमलीजामा पहनाने की तैयारी है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 26-27 सितंबर को दिल्ली में नहीं हैं। माना जा रहा है कि अगर मंगलवार शाम तक फेरबदल पर फैसला नहीं हुआ तो सप्ताहांत में इसे अंजाम दिया जा सकता है।
कांग्रेस सूत्रों ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकार का चेहरा बदलने के साथ ही मनमोहन सिंह कैबिनेट का यह विस्तार लोकसभा चुनाव 2014 के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा। इसीलिए जिन राज्यों का मंत्रिमंडल में ज्यादा प्रतिनिधित्व नहीं है, उन्हें ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है। साथ ही सरकार पर नकारा मंत्रियों को हटाने का दबाव है।
यही नहीं, सरकार ने जिस तरह से आर्थिक सुधारों पर तेजी से निर्णय लिए है उसे लेकर यह दबाव बन गया है कि सरकार अपने चेहरे में कुछ ऐसा बदलाव करें, जिससे निर्णय की झलक उसकी छवि में नजर आएं। इसी के मद्देनजर मंत्रिमंडल को युवा लुक दिए जाने की भी पूरी कोशिश है। ऐसे में कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।