एक
तरफ रियो डी जेनेरियो अपने स्वच्छंद और खूबसूरत तटीय नजारों के लिए
प्रसिद्ध है, वहीं दूसरी तरफ यहां सुरक्षित रहना नामुमकिन सा लगता है। यहां
आर्थिक और सामाजिक अव्यवस्था का बोलबाला है। शहर की 20 फीसदी से ज्यादा
आबादी स्लम में रहने को मजबूर है। यहां ड्रग माफिया का बोलबाला है। आए दिन
सड़कों पर पुलिस और ड्रग माफिया के बीच मुठभेड़ दिखाई देती है।
पर्यटकों
को यहां पहाड़ी और स्लम इलाकों से खासतौर पर दूर रहने की सलाह दी जाती है।
अगर आप यहां जेब में कुछ रुपए लेकर मार्केट जा रहे हैं तो सोच लीजिए आपके
साथ किसी भी समय छीनाझपटी हो सकती है। ऐसी छीनाझपटी में विरोध मत कीजिए,
वरना जान की कीमत यहां कुछ भी नहीं है।