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गन्ना मिल बंद होने पर भड़के किसान

Mon, 28 Apr 2014 12:43 AM IST
Sonipat
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 क्षेत्र के किसान रविवार को भड़क उठे। देर रात गन्ना पेराई मिल बंद होने की कार्रवाई से नाराज किसानों ने भाकियू नेताओं के नेतृत्व में एसडीएम आवास पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि पहले तो मिल के अधिकारियों ने कहा कि गन्ना जल्द से जल्द काटकर ले आओ। जब गन्ना लेकर पहुंचे तो शनिवार देर रात लगभग 12 बजे मिल बंद कर दी गई। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर मिल चालू नहीं की गई तो एसडीएम आवास के सामने गन्ने की होली जलाई जाएगी।
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रविवार को भाकियू के स्थानीय इकाई के अध्यक्ष सत्यवान नरवाल के नेतृत्व में क्षेत्र के किसान ईश्वर, देवेंद्र, प्रदीप, रमेश, यशपाल, फुल सिंह, ओम सिंह, उपाध्यक्ष सतपाल, हलका राई से धूप सिंह और सुभाष पंवार ने एसडीएम आवास पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पहले तो मिल के अधिकारियों ने कहा कि जिन किसानों के खेताें में गन्ना खड़ा है, वे गन्ने को गोले समेत काट कर मिल में ले आएं।
 उन्होंने कहा कि अधिकारियों के आदेश पर क्षेत्र के किसान अपने गन्ने की फसल की कटाई करा ट्राली में लादकर गन्ना सहित शनिवार शाम चार बजे मिल पहुंचे। मिल कर्मचारियों ने ट्रालियों पर टोकन लगाया।
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 लेकिन रात के करीब 12 बजकर 5 मिनट पर मिल की चैन को काट दिया गया और अधिकारियों ने किसानों से अपने गन्ने को सोनीपत मिल में ले जाने की बात कही। इस पर किसान मिल के एमडी वीरेंद्र सहरावत से मिले और दुखड़ा सुनाया।
लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। सभी किसान रविवार को इक्कठा होकर गोहाना में एसडीएम राजीव अहलावत के निवास स्थान पर पहुंचे, लेकिन एसडीएम नहीं मिले। इसके बाद किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि अगर रविवार शाम तक मिल को चलाकर किसानों के गन्नें को नहीं लिया गया तो एसडीएम निवास के सामने हम गन्ने की होली जला देंगे, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
क्या कहते हैं मिल के एमडी
मिल के एमडी विरेंद्र सहरावत ने कहा कि किसानों से बार-बार अपने गन्ने को मिल में लाने के लिए कहा गया। किसानों से पूछा गया कि गन्ना है तो मिल को चालू रखें लेकिन किसानों ने मना कर दिया। इसके बाद मिल को बंद कर दिया गया।
शनिवार को चार किसान अपने गन्ने को मिल में लेकर पहुंचे हैं, उनमें से एक किसान का बांड पूरा हो चुका है। दूसरा किसान पूरे मार्च गन्ने को लेकर नहीं आया। तीसरे किसान के गन्ने को सोनीपत भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों गन्ने को गोले समेत उखाड़ कर लाए थे। जोकि पेराई करने पर चीनी को खराब करेगा। उन्होंने कहा कि इन किसानाें को भी अपना गन्ना साफ कर लाने के लिए बोला गया है। किसानों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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