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लोकतंत्र के लिए नया खतरा

Wed, 08 Jan 2014 03:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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संस्कृति और सभ्यता की दुहाई देकर आम लोगों पर हमले करने वाले संगठनों को अब लोकतंत्र भी रास नहीं आ रहा है। आम आदमी पार्टी के दफ्तर में किया गया हमला यही संकेत देता है। हमले के पीछे जिन संगठनों का नाम आया है, उनका वैचारिक और राजनीतिक रुझान जगजाहिर है। ऐसे में इस हमले की व्याख्या किस रूप में की जाए, क्या एक दल दूसरे दल के उभार से हताश है? क्या उसे अपने किसी बड़े राजनीतिक सपने के टूटने का डर सता रहा है? एक बयान को आधार बनाकर किसी राजनीतिक दल के कार्यालय पर हमले को असहिष्णुता ही माना जाएगा। ये प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र के लिए नया खतरा है।
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