पीजीआई में आज जांच नहीं होगी। ऑपरेशन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अगर ब्लड की जरूरत पड़ी तो उसके लिए भी परेशानी होगी।
दरअसल पीजीआई में लैब और ऑपरेशन थियेटर के टेक्नीशियन दो दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। लैब और टेक्नीशियन मांग है कि वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
अगर ये विसंगतियां दूर नहीं की गईं तो शुरुआत में यह रोष दो दिन के सामूहिक अवकाश के रूप में रहेगा, इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना भी दिया जा सकता है।
ऐसी स्थिति में पीजीआई में आने वाले करीब तीन हजार मरीजों के अलावा यहां भर्ती मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि सीएम ने मांग को लेकर आज दिल्ली में मुलाकात के लिए भी बुलाया है।
मेडिकल लैब टेक्निकल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन हुड्डा ने बताया कि उनके सहयोगियों ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर चंडीगढ़ फायनेंस कमिश्नर राजन गुप्ता से बात की, लेकिन कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। इसके चलते बुधवार शाम संस्थान निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल व फिर कुलपति डॉ. एसएस सांगवान से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों को बताया गया है कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो करीब 250 कर्मचारी बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
आज मिलेंगे सीएम से
अध्यक्ष ने बताया कि लैब टेक्नीशियन और ओटी टेक्नीशियन उच्च शैक्षणिक योग्यता रखते हैं। फिर भी संस्थान में कार्यरत न्यूनतम योग्यता रखने वाले कर्मचारियों की तुलना में उन्हें कम वेतन दिया जाता है। उनकी फाइल लंबे समय से लंबित है। अमन हुड्डा ने बताया कि सीएम के पीए से बात हुई है, उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली में मुख्यमंत्री से मिलने का समय दिया है। इसके लिए दो कर्मचारी दिल्ली जा रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री हमारी मांगों को मान लेंगे, अन्यथा दो दिन के सामूहिक अवकाश को अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकते हैं।
ये रहेगा प्रभावित
- पीजीआई की सभी प्रयोगशालाएं
- आपरेशन थियेटर (लगभग दस)
- मॉडल ब्लड बैंक
- आपात विभाग
- उपचार के लिए आने वाले दो से तीन हजार मरीज की जांच
बोले निदेशक
लैब व ओटी टेक्नीशियन ने सामूहिक अवकाश पर जाने की बात कही है। हम प्रयास कर रहे हैं कि मरीजों को कोई परेशानी न हो। आपात विभाग व आपरेशन थियेटर में प्रयास रहेगा कि काम न रुके।
- डॉ. चांद सिंह ढुल, निदेशक, पीजीआई