पूर्व वित्त मंत्री एंव भाजपा के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी छोटूराम ने किसानों के हितों के लिए जीवन भर काम किया था।
किसानों के लिए 50 वर्ष तक की योजना लागू की थी, लेकिन सरकारों ने किसानों की भूमि अधिगृहित करके भूमिहीन कर दिया।
ऐसे उद्योगपतियों को भूमि को दी गई जो यहां के लोगों को चपरासी की नौकरी देने के लिए भी तैयार नहीं हैं। किसान जब तक जागरूक व एकजुट नहीं होंगे तब तक वह अपने हकों की लड़ाई नही लड़ सकते।
वे शनिवार को यहां छोटूराम संग्राहलय में 24 नवंबर को चौधरी छोटूराम के जन्म दिवस मनाए जाने को लेकर हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, भूमि अधिग्रहण का सबसे ज्यादा असर एनएसीआर में आने वाले जिलों पर हुआ है। अगर यहां के किसान एकजुट नहीं हुए तो आने वाले 20 वर्षों में किसान पूरी तरह भूमिहीन हो जाएंगे और किसानों की पहचान खत्म हो जाएगी। उन्होंने छोटूराम का जन्मदिन बल्लभ भाई पटेल की तरह मनाने का आह्वान किया। इसके लिए 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा जो पूरी योजना को अमलीजामा पहनाएगी। छोटूराम का जन्मदिन पूरी तरह से गैर राजनीतिक होगा, जिसमें हर वर्ग एवं तबके के लोग भाग लेंगे।
इससे पहले छोटूराम विचार मंच की ओर से प्रदेश महासचिव रणबीर गढ़ी के नेतृत्व में बीरेंद्र सिंह डूमरखां का स्वागत किया गया। बीरेंद्र सिंह ने छोटूराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजली दी। इस दौरान पूर्व विधायक उदय सिंह दलाल, ओमप्रकाश बेरी, कर्नल कर्ण सिंह, रामकरण हुड्डा, धर्मसिंह नांदल, मेहर सिंह ने भी अपने विचार रखे। उदय सिंह दलाल ने छोटूराम संग्राहलय में बने रेस्त्रां में शराब परोसे जाने का आरोप लगाते हुए यहां से होटल हटाने की मांग की। इस अवसर पर धर्मसिंह नांदल, राजेश खत्री, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार बाघे, कृष्णलाल आदर्श, ओमप्रकाश खत्री व प्रमोद सांपला सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।
नायब तहसीलदार के तबादले की उठाई मांग
बैठक में लोगों ने बीरेंद्र सिंह से नायब तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग भी की है। पूर्व राज्यसभा सांसद एंव भाजपा नेता को दी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नायब तहसीलदार लोगों से सही पेश नहीं आ रहे हैं। सप्ताह भर में कुछ समय के लिए कार्यालय में आते हैं। शिकायत में ओर भी गंभीर आरोप लगाये गए हैं।