उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन देश की 'दिखावटी' संसद के लिए रविवार को हुए मतदान में 'निर्विरोध चुने लिए गए' हैं। यह जानकारी उत्तरी कोरिया के सरकारी मीडिया ने दी।
समाचार एजेंसी केसीएनए ने बताया कि किम को उनके क्लिक करें निर्वाचन क्षेत्र माउंट पाकेटू से सौ फ़ीसदी मत मिले, जो उनके प्रति जनता का पूर्ण समर्थन को ज़ाहिर करता है।
उत्तर कोरिया की संसद सुप्रीम पीपुल्स असेंबली (एसपीए) के सदस्यों के चुनाव के लिए रविवार को मतदान हुआ। देशभर के 687 ज़िलों में मतपत्रों पर केवल एक ही उम्मीदवार का नाम था।
मतदाताओं को 'हाँ' या 'नहीं' में से एक विकल्प चुनना था। किम जोंग-उन के सत्ता में आने के बाद यह पहला चुनाव हुआ है। किम ने दिसंबर 2011 में अपने पिता किम जोंग-इल की मौत के बाद उत्तर कोरिया की सत्ता संभाली थी।
मक़सद
साल बाद होते हैं। समाचार एजेंसी केसीएनए ने किम जोंग-उन की जीत की घोषणा करते हुए कहा, "इस चुनाव का मक़सद यह जानना था कि देश की जनता और अधिकारी सुप्रीम नेता किम जोंग-उन के प्रति कितने वफ़ादार हैं।"
अन्य ज़िलों के चुनाव परिणाम अभी आने बाक़ी हैं। सैन्य बलों के सुप्रीम कमांडर सहित उन को कई ख़िताब हासिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन चुनावों का बस एक ही मक़सद है। चुनावों में उम्मीदवारों की अंतिम सूची से यह पता चलता है कि देश के नेतृत्व के साथ कौन है और कौन नहीं।
100 फ़ीसदी मत
सियोल में बीबीसी संवाददाता लूसी विलियम्सन का कहना है इस चुनाव में यह महत्वपूर्ण नहीं था कि जनता किसे चुनना चाहती है, बल्कि यह देखना था कि वे सत्तारूढ़ दल के साथ हैं या नहीं।
साल 2009 में एसपीए के लिए हुए चुनाव में नामित उम्मीदवारों के पक्ष में 99 फ़ीसदी से 100 फ़ीसदी वोट पड़े थे। इधर, सरकारी मीडिया ने रविवार को एक महिला की पहचान की, जो किम जोंग-उन के साथ मतदान केंद्र पर दिखी।
सरकारी मीडिया के अनुसार किम यो-जोंग नाम की यह महिला वरिष्ठ अधिकारी हैं। माना जा रहा है कि यह किम की छोटी बहन हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार उनकी उम्र 26 या 27 साल है।
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक किम यो-जोंग को साल 2012 में सरकारी टेलीविज़न पर एक घोड़े की सवारी करते देखा गया था। साथ में किम भी थे। वे दोनों किम जोंग-इल की अंत्येष्टि में भाग ले रहे थे।