घिलौड़ गांव में खेत के रास्ते में झाड़ियां डालने को लेकर मामूली कहासुनी में ही दो लोगाें ने एक अधेड़ को मौत के घाट उतार दिया।
चाकू से छाती और पेट में वार किए गए। घायल के चिल्लाने पर राहगीरों को आता देख दोनों आरोपी फरार हो गए।
अधेड़ को पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सदर थाना पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर गांव के ही दो लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए 3 टीम लगाए जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। मामला बुधवार शाम का है। बृहस्पतिवार को पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
यूं दिया वारदात को अंजाम
गांव घिलौड़ कलां में सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र (44) बुधवार शाम साढ़े 7 बजे छिछड़ाना रोड स्थित अपने खेत में जा रहा था। रास्ते में गांव के ही दो युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और चाकू से हमला कर दिया। सुरेंद्र ने शोर मचाया तो खेत में ही अपने एक अन्य साथी अशोक के साथ गया सुरेंद्र का भाई नरेंद्र उसकी ओर दौड़ा। नरेंद्र और अशोक को आता देख हमलावर मौके से फरार हो गए। पीजीआई पहुंचने पर चिकित्सकों ने सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। नरेंद्र के बयान पर दोनों हमलावरों गांव निवासी ही मंजीत और रोहित उर्फ काला के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक ने पकड़ा, दूसरे ने घोंपा चाकू
नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त अशोक के साथ खेत में पानी देखने गया था। जब उसने अपने बड़े भाई सुरेंद्र की आवाज सुनी तो देखा कि काले ने मेरे भाई को पीछे से पकड़ा हुआ था और इसी दौरान मंजीत ने चाकू निकालकर एक वार सुरेंद्र की छाती पर और दूसरा वार उसके पेट में कर दिया। उन्हें आता देख दोनों फरार हो गए। सुरेंद्र अपने पीछे पत्नी और एक बेटा व एक बेटी को छोड़ गया है।
दो दिन पहले हुई थी कहासुनी
नरेंद्र ने बताया कि दो दिन पहले सुरेंद्र और मंजीत के बीच खेत के रास्ते में छड़े (कीकर आदि की झाड़ियां) डालने को लेकर कहासुनी हुई थी। बुधवार दिन में ही काफी कहासुनी के बाद मामला आपसी सहमति से सुलझ भी गया था। लेकिन, इसी रंजिश के चलते शाम को मंजीत ने अपने दोस्त के साथ उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार मंजीत के पिता हरियाणा रोडवेज में कार्यरत हैं और काला गांव में खेती करता है।
वर्जन...।
‘हत्यारोपियों की तलाश के लिए तीन टीमों का गठन किया है। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों को सौंप दिया गया है।’
गजेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना सदर।