पद का दुरुपयोग कर लाखों रुपये की धनराशि का कथित तौर पर गबन करने के आरोप में मटिंडू की महिला सरपंच को निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त समीरपाल सरो ने मंगलवार को इस आशय का आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया है। जारी आदेश में निलंबित सरपंच रेखा के किसी भी पंचायती कार्यवाही में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही ग्राम पंचायत का रिकार्ड और चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंप देने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों ने आरोप लगाए थे कि सरपंच ने बिना काम कराए सरकारी धन हड़प लिया। जिसकी जांच कराई जाए। इस मांग पर उपायुक्त ने नगराधीश को जांच जांच अधिकारी नियुक्त किया था। ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों का जब उप मंडल अधिकारी पंचायती राज ने आकलन किया तो पाया कि 26 गलियों के निर्माण कार्य में से केवल सात गलियों में ही स्टोन मैटेरियल डालकर पीवी टाइल्स लगाई गई हैं। जबकि शेष गलियों में मिट्टी पर ही टाइल्स लगा दी गई जो नियमानुसार सही नहीं है। व्यायामशाला निर्माण पर 2 लाख 35 हजार की अधिक राशि निकालकर ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि पहुंचाई गई है। व्यायामशाला के निर्माण पर न सिर्फ निर्माण सामग्री अधिक दर्शाई गई बल्कि अधिक मजदूरी दिखाकर राशि हड़प ली गई। इसी प्रकार रिटेेनिंग वॉल के निर्माण में ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि पहुंचाई गई है। इस आकलन के आधार पर अप्रैल माह में महिला सरपंच को कारण बताओ नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा गया। सरपंच के जवाब के दृष्टिगत 15 मई 2014 को पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता ने कराए गए कार्यों व उपलब्ध सामान का आकलन करने के आदेश दिए। जिससे स्पष्ट हुआ कि सरपंच रेखा ने 10 लाख 56 हजार 466 रुपए का गबन करके न सिर्फ ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि पहुंचाई है बल्कि अपने पद का दुरुपयोग करके जनहित के विरुद्घ कार्य किया है।