क्या आपको लगता है कि आप स्मार्टफोन से एक भी पल दूर नहीं रह सकते, लेकिन उसे संभालना भी अपने आप में एक सिरदर्द बन गया है। इस दिक्कत का हल अब ज्यादा दूर नहीं।
दुनिया की प्रमुख मोबाइल हैंडसेट कंपनी मोटोरोला टेक्नोलॉजी की दुनिया में नए चमत्कार से इसका समाधान खोज सकती है।
कंपनी ने इस थ्रोट टैटू टेक्नोलॉजी (गले पर लगने वाला टैटू) के लिए एक पेटेंट दाखिल कराया है। इस टैटू में माइक्रोफोन और पावर सप्लाई का इंतजाम रहता है।
कंपनी का दावा है कि गले पर लगे टैटू का इस्तेमाल कर कोई भी भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़ा होने के बावजूद अगर बहुत धीरे बोलेगा, तो भी सिग्नल से तैरने वाली आवाज अपने गंतव्य पर साफ-साफ पहुंच जाएगी।
बन जाएगा लाई डिटेक्टर मशीन भी
यह पेटेंट ऐसे इलेक्ट्रॉनिक स्किन टैटू के लिए दाखिल कराया गया है, जिसे मोबाइल कम्युनिकेशन डिवाइस के साथ जोड़ा जा सकता है।
इसमें एक माइक्रोफोन, वायरलेस कम्युनिकेशन के लिए ट्रांसरिसीवर और पावर सप्लाई शामिल रहेंगे, जो बैटरी या सौर ऊर्जा से चलेगी।
यह टेक्नोलॉजी मोबाइल से अलग दूसरी तरह की स्क्रीन डिवाइस के चलन को आगे ले जानी वाली है, जिसमें गैलेक्सी गियर स्मार्टवॉच हमारे मोबाइल फोन के लिए मध्यस्थ की तरह काम करती है।
इसके अलावा यह इस बात का अहसास भी दिलाती है कि इलेक्ट्रॉनिक टैटू की दुनिया कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
2011 में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के जॉन रोजर्स ने एक सेंसर से पर्दा हटाया था, जो बाल से भी पतला था और इसे लंबे वक्त के लिए त्वचा पर चिपकाया जा सकता था। यह पहनने वाले के दिल और दिमाग पर निगाह रख उसकी जानकारी डॉक्टरों तक पहुंचा सकता था।
लेकिन मोटोरोला की पेटेंट एप्लिकेशन आम बातचीत से आगे ले जाने चाहती है, इसलिए इसमें 'गैल्वेनिक स्किन रेस्पॉन्स डिटेक्टर' को शामिल करने की बात कही गई है। इसका यह मतलब हुआ कि भविष्य में यह टैटू लाई डिटेक्टर मशीन की तरह काम करेगा और झूठ बोलने वाले तुरंत इसकी जानकारी दे देगा।