कहते हैं भूख एक ऐसी चीज है जो अच्छे-अच्छों के छक्के छुड़ा देती है। भूख से मर रहा इंसान उस समय न तो गैरों की परवाह करता है और न ही अपनों की।
अब इस शख्स को ही ले लीजिए, जिसने भूख से छुटकारा पाने के लिए और जिंदा रहने के लिए अपने ही पालतू कुत्ते का खून कर दिया और उसके मांस से अपनी भूख शांत की।
मेट्रो की खबर के अनुसार, कनाडा के जंगलों में तीन महीने बिताने के बाद जब मार्को लावोई से रहा नहीं गया तो उन्होंने अपने ही कुत्ते को खा लिया।
दरअसल, लावोई के कैंप पर एक भालू ने हमला कर दिया था, जिससे चलते उनके पास जो कुछ भी खाने-पीने को था, वो सबकुछ तहस-नहस हो गया।
तनख्वाह इतनी ज्यादा थी कि नौकरी छोड़ दी
44 वर्षीय लावोई ने तीन महीने के इस समय में काफी धैर्य दिखाया लेकिन एक दिन जब उनसे नहीं रहा गया तो उन्होंने अपने पालतू जर्मन शेफर्ड की बलि दे दी।
आप भले इसे क्रूर फैसला कह सकते हैं लेकिन जीव विशेषज्ञ ऐसा नहीं मानते। विशेषज्ञ एंडर फ्रांसिस्को का कहना है कि लावोई ने एक बेहद समझदारी वाला फैसला लिया और वो इसलिए ही जिंदा बच गए।
16 करोड़ साल से सेक्स कर रहे हैं ये दोनों
प्रशिक्षक कालेब मस्ग्रेव का कहना है कि लावोई जहां थे वहां पेड़-पौधों के भरोसे रह पाना काफी मुश्किल है। जिस समय बचाव टीम को लावोई मिले, वो लगभग मरने की कगार पर थे।
'हर टीम में एक ही गुंडा होता है और यहां का गुंडा मैं हूं'
फिलहाल लावोई को स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।