एमडीयू के हॉस्टल नंबर 7 (धोलागिरी) में बीटेक सेकंड ईयर के छात्र ने आत्महत्या कर ली।
योगा चैंपियन छात्र मंजीत के कमरे से सल्फास की गोलियां, मैंगो जूस की बोतल और एक रस्सी मिली है। छात्र बुधवार दोपहर से अपने कमरे में बंद था।
बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े तीन बजे मंजीत के दोस्त उसके कमरे पर गए तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। सुपरवाइजर और दूसरे छात्रों ने पीछे खिड़की का शीशा तोड़कर देखा तो छात्र पलंग पर पड़ा था।
पुलिस को सूचना देकर दरवाजा तोड़ा गया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने परिजनों के पहुंचने के बाद शव पीजीआई के डेड हाउस में रखवा दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा।
सिविल ब्रांच का छात्र था मंजीत
मंजीत जांगड़ा बीटेक सेकंड ईयर सिविल ब्रांच का छात्र था और एमडीयू के 7 नंबर हॉस्टल के कमरा नंबर 102 में रहता था। हॉस्टल वार्डन सुनील कुमार ने बताया कि मंजीत ने बुधवार दोपहर को हॉस्टल में खाना खाया था। उसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। रात को वह खान खाने नहीं आया। बृहस्पतिवार को कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर खिड़की से झांक कर देखा तो घटना का पता चला।
सुबह भी पहुंचे थे दोस्त
हॉस्टल वार्डन ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह भी मंजीत के दोस्त उसके कमरे पर गए थे। लेकिन कमरा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी मंजीत ने दरवाजा नहीं खोला तो दोस्त उसे सोया हुआ समझ कर लौट गए। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दोबारा से दोस्त उसके कमरे के बाहर पहुंचे। इस बार भी दरवाजा नहीं खोला तो सुपरवाइजर को इसकी सूचना दी गई।
तीन गोलियां और रस्सी मिली कमरे में
पीजीआई थाना प्रभारी एमआई खान ने जब मंजीत के कमरे की तलाशी ली तो उन्हें एक डिब्बी में सल्फास की हाई पॉवर वाली तीन गोलियां मिली। कमरे में एक तरफ बड़ी रस्सी भी पड़ी थी। पलंग के पास ही मैंगो जूस की एक बोतल पड़ी थी। माना जा रहा है कि मंजीत ने जूस में सल्फास की गोली डाल कर पी होगी।
नहीं मिला सुसाइट नोट
तलाशी में कोई सुसाइट नोट नहीं मिला है। कमरा अंदर से बंद होने की स्थिति और मंजीत का किसी से विवाद सामने नहीं आने के बाद पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उसके रूम मेट सचिन सहित अन्य दोस्तों के अलावा हॉस्टल वॉर्डन के भी बयान दर्ज किए हैं। दुखी परिजन भी हैरान हैं कि आखिर मंजीत ने ऐसा क्यों किया।