बुधवार को हमारा देश पहले मंगल मिशन की कामयाबी के साथ ही एक नया इतिहास रचेगा।
इन्हीं सुनहरे पलों का जीवंत कार्यक्रम बच्चों को दिखाने के लिए इसरो ने विशेष तैयारी की है। केंद्र सरकार ने भी सभी राज्यों के शिक्षा निदेशालयों को आदेश दिये है कि बच्चों को सुबह 6:45 से 8:45 बजे तक यह कार्यक्रम जरूर दिखाए, लेकिन हमारे बच्चे मंगल ग्रह की यात्रा की कामयाबी को नहीं देख पाएंगे।
दरअसल राज्य के शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के स्थानीय शिक्षा अधिकारियों को 23 सितंबर को सूचना दी जबकि हरियाणा शहीदी दिवस के चलते अवकाश होने के कारण किसी भी स्कूल के प्राचार्यों और छात्रों को जानकारी नहीं हो पाई है। ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारी कोशिश कर रही है कि जितना संभव हो सकें, बच्चों को यह कार्यक्रम जरूर दिखाया जाए।
नहीं देख पाएंगे कार्यक्रम
छुट्टी के कारण डीईओ द्वारा सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को मोबाइल व टेलीफोन के माध्यम से जानकारी देने के आदेश केवल आदेशों तक ही सीमित रह गए। इसरो और केंद्र सराकर के प्रयास पर जिले के शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही कम नहीं है। जिले के करीब 195 स्कूलों में एजुसेट खराब है जबकि 70 केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा चल रही है। इसके अलावा, कार्यक्रम का सुबह 6:45 से 8:45 बजे तक डीडी चैनल के माध्यम से सीधा प्रसारण होना है और सरकारी स्कूलों के साथ अधिकतर निजी स्कूलों के खुलने का समय सुबह 8 बजे है। परीक्षा केंद्रों के प्राचार्यों का कहना है कि वह बोर्ड परीक्षा कराएं या मंगल ग्रह की यात्रा बच्चों को दिखाए। मॉडल टाउन में एक परीक्षा केंद्र के प्राचार्य ने बताया कि उनके स्कूल में एजुसेट तो ठीक है, लेकिन बोर्ड परीक्षा है। ऐेसे में किस तरह से यह कार्यक्रम दिखाए?
प्राचार्यों को नहीं मिला मैसेज
भले ही केंद्र सरकार ने सभी स्कूलों में बच्चों को मंगल ग्रह की लाइव यात्रा दिखाने की तैयारी पूरी की हो लेकिन शहर के आला अधिकारियों ने सरकारी व निजी स्कूलों के प्राचार्यों को मंगल ग्रह की यात्रा दिखाए जाने का मैसेज ही नहीं दिया है। राकवमावि, मॉडल टाउन के प्राचार्य जसबीर सिंह धनखड़ ने बताया कि उनके पास मंगल ग्रह की यात्रा बच्चों को दिखाए जाने से संबंधित कोई सूचना नहीं मिली है। 23 सितंबर को छुट्टी का दिन है तो कौन मैसेज भेजेगा। वहीं रावमावि, गांधी नगर के प्राचार्य शमशेर सिंह का भी कहना है कि उन्हें भी कोई मैसेज नहीं मिला है।
दोबारा देख सकते हैं यात्रा
यह कार्यक्रम सुबह 6:45 से 8:45 तक चलना है। लेकिन अधिकतर स्कूलों का समय तो सुबह 8 बजे का है। ऐसे में सभी नेशनल चैनलों ने इस ऐतिहासिक दिन को दिखाने के लिए री-ब्राडकॉस्टिंग की सुविधा भी दी है।
बॉक्स
कहां-कितने एजुसेट ठीक
स्कूल संख्या सही खराब
प्राइमरी में डीटीएच 237 108 129
सीनियर सेकेंडरी में डीटीएच 81 31 50
सीनियर सेकेंडरी में एसआईटी 19 03 16
कहां-कितने निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चे
खंड का नाम कुल स्कूल विद्यार्थियों की संख्या
रोहतक 341 1,05,087
कलानौर 98 26,642
महम 137 34,629
लाखनमाजरा 59 13,623
सांपला 109 23,974
वर्जन
पूरी कोशिश करेंगे
मंगलवार को शिक्षा निदेशालय की ओर से जिले के सभी स्कूलों को बच्चों को मंगल ग्रह की यात्रा दिखाए जाने का फोन आया। इत्तिफाक से हरियाणा शहीदी दिवस के चलते अवकाश था। फिर भी, आदेशों की पालना करते हुए सभी डीईईओ, डिप्टी डीईओ, बीईओ व बीईईओ को सूचित कर दिया है कि वह अपने क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूलों के प्राचार्यों को यह कार्यक्रम कराने की तुरंत प्रभाव से सूचना दें। जिस भी स्कूल में एजुसेट ठीक है, वहां बच्चों को यह यात्रा जरूर दिखाए जाए। उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि बच्चे यह यात्रा देख सकें।
-सत्यवती नांदल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
नहीं बदला समय, भेजा एसएमएस
डीईओ से आदेश मिलते ही मैंने अपने ब्लॉक के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को एसएमएस द्वारा कार्यक्रम की सूचना दे दी है, क्योंकि छुट्टी थी तो पत्र या ई-मेल नहीं भेज सकते थे। हालांकि, अधिकारिक रूप से स्कूल के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। स्कूल सुबह 8 बजे ही खुलेंगे। अब प्राचार्यों को तय करना है कि वह यह यात्रा बच्चों को कैसे दिखाते है।
-वीरेंद्र मलिक, खंड शिक्षा अधिकारी, रोहतक।