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बुजुर्ग की हत्या करने वाले पड़ोसी युवक को उम्रकैद

Fri, 01 Aug 2014 12:28 AM IST
सोनीपत
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गांव खंदराई में एक बुजुर्ग की हत्या के मामले में आरोपी युवक को जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत मेहता की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी को उम्रकैद की सजा और 75 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। इसमें से 70 हजार रुपये बतौर मुआवजा पीड़ित परिवार को देने के भी निर्देश दिये गये हैं। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है।
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गावं खंदराई निवासी संदीप ने 6 जनवरी, 2012 को थाना शहर गोहाना में दी शिकायत में बताया कि उसके पिता रामचंद्र (64) उसके  भाई सियानंद के मकान में रह रहे थे। 5 जनवरी, 2012 की रात वह घर में खाना खाने के बाद सियानंद के मकान में जाकर सो गए थे। 6 जनवरी की सुबह वह मृत ही मिले। उनके शरीर पर तेजधार हथियार के कई निशान थे। इस मामले में पुलिस ने संदीप के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था। वहीं शक के आधार पर पड़ोस में रहने वाले सुमित को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में जिला एवं सत्र न्यायधीश इंद्रजीत मेहता की अदालत ने आरोपी सुमित को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

हत्या कर ओढ़ा दी थी रजाई
संदीप ने अपने बयानों में बताया कि 6 जनवरी की सुबह उसकी 6 वर्षीय बेटी तमन्ना और उसके भाई रामभरोसे का 10 वर्षीय लड़का सत्यम अपने दादा रामचंद्र के पास गए थे और उन्हें उठाने की कोशिश की थी। जब रामचंद्र नहीं उठे तो बच्चों ने उन्हें बताया कि दादा नहीं उठ रहे हैं। इस पर संदीप और अन्य परिजन पहुंचे तो देखा कि रामचंद्र रजाई ओढ़े हुए थे। रजाई हटाई तो पता चला कि उन पर तेजधार हथियार से वार हुए हैं।
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कहासुनी में किया मर्डर
संदीप ने पुलिस के सामने शक जताया था कि पड़ोस में रहने वाले सुमित ने उसके पिता का कत्ल किया है। संदीप ने बताया कि कुछ दिन पहले सुमित का उसकी मां माया देवी और परिवार के लोगों से झगड़ा हुआ था। उस समय सुमित ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसी रंजिश में सुमित ने उनके पिता का कत्ल किया होगा। इसी शक के आधार पर पुलिस ने सुमित को काबू किया था।

साधु की तरह जी रहे थे जिंदगी
हत्या से लगभग तीन साल पहले ही रामचंद्र ने सांसारिक मोहमाया को त्याग दिया था। रामचंद्र ने चोला धारण कर लिया था तथा साधु की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। इस बारे में भी संदीप ने पुलिस को बताया था। संदीप ने बताया कि आसपास या अन्य किसी और से उनकी कभी कोई कहासुनी या झगड़ा भी नहीं हुआ था।
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