बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार में उनका केंद्र में मंत्री बनना तय था। कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उन्हें कैबिनेट में शामिल करने के लिए कहा था। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का उनके पास फोन आया कि आपको मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। अगले दिन मंत्रिमंडल के विस्तार से चार घंटे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का फोन आता है कि यह संभव नहीं होगा कुछ अड़चन है।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि ‘मुझे तुरंत उस अड़चन का पता चल गया। वह अड़चन कोई और नहीं मेरा भाई सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा था।’ उस समय पूरे देश, प्रदेश में बात चल पड़ी थी कि बीरेंद्र सिंह रेल मंत्री बनेंगे। वे रेल मंत्री बन जाते तो हलके, प्रदेश के युवाओं को रेल में नौकरियां मिल जाती तो सीएम को क्या फर्क पड़ता।
कांग्रेस के पूर्व महासचिव और राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को उचाना में कार्यकर्ताओं की बैठक में रुंधे लगे से भाजपा में जाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का इशारा है कि वे लोग भाजपा के साथ मिलकर गांव में बसने वाली प्रदेश की 75 प्रतिशत आबादी को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं।
ऐसे में कार्यकर्ताओं के निर्देश का पालन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द ही मिलने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि कैथल में होने वाली रैली में लोगों की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का स्वागत करेंगे।