डॉक्टर डेथ (मौत) के नाम से मशहूर भारत में जन्मे अमेरिकी सर्जन जयंत पटेल को एक और सुनवाई का सामना करना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई हाई कोर्ट ने उन्हें हाल ही में नरसंहार और शरीर को नुकसान पहुंचाने के लिए मिली सजा को खारिज कर दिया था।
62 वर्षीय पटेल को दो साल पहले क्वींसलैंड के बंडनबर्ग अस्पताल में नरसंहार के तीन आरोपों और अपने मरीजों के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने के एक आरोप का दोषी पाया गया था। इस सजा के बाद वह ‘डॉक्टर डेथ’ के नाम से मीडिया में विख्यात हो गए। पिछले सप्ताह आस्ट्रेलियाई अदालत ने उन्हें तीन मरीजों की हत्या के मामले में बरी कर दिया था।
‘द ऐज’ के मुताबिक, डायरेक्टर ऑफ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर टोनी मोयनिहान ने पटेल के खिलाफ एक अन्य सुनवाई किए जाने की पुष्टि की है। एक वक्तव्य में मोयनिहान ने कहा कि मैंने फैसले को ध्यानपूर्वक पढ़ा है और मैं संतुष्ट हूं कि स्वीकार्य सबूतों के आधार पर दोषी पाए जाने कि संभावना है। नई सुनवाई शुरू करना लोक हित में है।
हाई कोर्ट में अभियोजक पीटर डेविस एससी ने कहा कि आरोपों की अलग-अलग सुनवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामला अदालत के समक्ष है, इसलिए और टिप्प्णी करना अनुचित होगा। बंडनबर्ग अस्पताल के समर्थकों ने इस फैसले का समर्थन किया है। पटेल यहीं सर्जन के तौर पर काम करते थे।