स्पेन से विश्व की पहली अंतरमहाद्वीपीय उड़ान भरने वाले सौर विमान ने जिब्राल्टर जलडमरू मध्य को पार करते हुए मोरक्को की राजधानी में उतरकर इतिहास रच दिया। यह विमान सौर ऊर्जा से चलता है। स्विस मनोचिकित्सक एवं गुब्बारा उड़ान विशेषज्ञ 54 वर्षीय बर्ट्रेंड पिक्कर्ड ने सौर विमान को मंगलवार रात 11 बजकर 30 मिनट पर रबात हवाई अड्डे पर उतारा जहां मोरक्को की सौर ऊर्जा एजेंसी (एमएएसईएन) के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
उड़ान के आयोजकों के लिए हवाई अड्डे के नजदीक बड़े-बड़े तंबू लगाए गए और वेबसाइट ‘सोलरइंपल्स डॉट कॉम’ पर इस घटना का सीधा प्रसारण किया गया। पिक्कर्ड ने मैड्रिड के बारजस हवाई अड्डे से सुबह पांच बजकर 22 मिनट पर उड़ान भरी थी। यह विमान एयरबस ए-340 जितना बड़ा है लेकिन इसका वजन एक औसत कार जितना है।
उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया, ‘एक घंटे तक पूर्ण चंद्रमा मेरे दाहिनी ओर था तथा मेरे बाईं ओर सूर्योदय हो रहा था। यह शानदार नजारा था। मुझे आसमान में तथा धरती पर इंद्रधनुष के सभी रंग नजर आए।’ दस घंटे से अधिक समय की उड़ान के दौरान पिक्कर्ड 5500 मीटर (18 हजार फुट) से अधिक की ऊंचाई पर गए। 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ान भरते समय उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी।