पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में साढ़े चार साल से चल रहे केसों का जवाब दायर करने में लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग ने डीलिंग क्लर्क को सस्पेंड कर दिया है।
यह कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा फटकार और जुर्माना लगाने के बाद मौलिक शिक्षा निदेशालय ने की है। क्लर्क को सस्पेंड करने का आदेश निदेशालय ने भेज दिया है। वहीं, क्लर्क पिछले कई दिनों से कार्यालय से अनुपस्थित चल रहा है।
इसी के चलते निदेशालय के आदेश स्थानीय मौलिक शिक्षा विभाग द्वारा उसके घर पर भेज दिया गया है।
स्थानीय मौलिक शिक्षा विभाग के अधिकारी बलवंत नरवाल ने बताया कि मई, 2007 में नरसिंह ने बतौर क्लर्क ज्वॉइनिंग की थी।
करीब तीन साल बाद पूर्व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने लीगल विंग का डीलिंग हेड का कार्यभार दिया। साल 2010 से 2011 में सावित्री, चंद्रकली व राजवीर इन तीनों का स्टेट सरकार के साथ केस चल रहा है, जिनका साढ़े चार साल से नरसिंह ने जवाब नहीं दिया।
इस अनियमितता को लेकर ही हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग पर जुर्माना लगाया है। जहां सावित्री के केस में जवाब दायर नहीं करने पर 10 हजार का जुर्माना लगा, वहीं चंद्रकली के केस में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं नरसिंह पर बोगस टीए व डीए लेने व करीब तीन माह से विभाग को बिना कोई उचित कारण बताए अनुपस्थित रहने के भी आरोप है। गौरतलब है कि पिछले दिनों शिवाजी कॉलोनी की एक महिला ने नरसिंह पर नौकरी देने के बहाने छेड़छाड़ व पैसे लेने का आरोप भी लगाया था। इस मामले पर भी उस पर विभागीय जांच चल रही थी। जिसमें जवाब देने की वजह से ही वह काफी दिनों से अनुपस्थित चल रहा है।