प्रदेश में निजाम बदलने का असर शहर में साफ नजर आ रहा है।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की डी पार्क स्थित जिस कोठी पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की भारी फौज लगी रहती थी, आज यहां केवल एक जिप्सी दिखाई देती है।
प्रदेश सरकार के हाल ही में आए आदेशों के बाद पूर्व सीएम हुड्डा के आवास की सुरक्षा में कटौती कर दी है। अब उनके आवास पर 45 पुलिसकर्मियों में से 35 को हटा लिया गया है। अब यहां केवल 4-1,4-1 की गारद तैनात की गई है।
सुरक्षा को लेकर समीक्षा
शहर के पूर्व विधायक बी. बी. बतरा की सुरक्षा को भी वापस ले लिया है। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद पुलिस विभाग की ओर से अन्य लोगों को मिली सुरक्षा की भी समीक्षा की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूर्व सीएम हुड्डा भले ही डी पार्क स्थित आवास पर कम रहे हों, लेकिन यहां भारी भरकम सुरक्षा बल सदैव तैनात रहा। मुख्यमंत्री की जेड प्लस सिक्योरिटी के कारण कमांडो भी तैनात रहे।
जिले में 600 लोगों पर एक पुलिसकर्मी
11 लाख की आबादी वाले जिले की सुरक्षा की कमान 2200 पुलिसकर्मियों के हवाले हैं। इनमें से भी करीब 100 कर्मचारी ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगे हैं। रोहतक सीएम सिटी होने के कारण भी यहां काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात किया गया था। शहर में 250 से ज्यादा पुुुुलिस कर्मचारी तो केवल सुरक्षा में ही तैनात हैं। इनमें पूर्व सीएम, उनके नजदीकियों, पूर्व विधायक, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और वे लोग शामिल हैं, जिन्हें जान का खतरा है। भारी संख्या में पुलिस बल आला अधिकारियों व नेताओं के आवास पर तैनात हैं। ऐसे में जिले के करीब 11 लाख लोगों की सुरक्षा का दारमोदार 1850 पुलिसकर्मी पर है। एक पुलिसकर्मी के कंधों पर 600 लोगों की सुरक्षा का भार है।
सरकार के आदेश पर हालात बदले
भाजपा सरकार आते ही पुलिस मुख्यालय से सभी पूर्व मंत्रियों, सीपीएस व नेताओं की सुरक्षा को वापस लेने के आदेश आ गए हैं। मुख्यालय से आए आदेशों के तुरंत बाद विभाग ने अपने सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया है।
कैप्टन अभिमन्यु के घर लगे सुरक्षाकर्मी
फिलहाल भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर, कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक, आनंद सिंह दांगी के पास केवल दो-दो गनमैन हैं। हाल ही में कैबिनेट मंत्री बने कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर 1-4 की गारद तैनात की है।
वर्जन
‘किसी भी वीआईपी की सुरक्षा नियमानुसार ही तय की जाती है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब सीएम थे तो उन्हें नियमानुसार सुरक्षा प्रदान की गई, लेकिन अब वे सीएम नहीं हैं तो नियमानुसार उनकी और अन्य की सुरक्षा को वापस लिया गया है। यह प्रशासनिक सामान्य कार्रवाई है। इसके तहत ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।’
सौरभ सिंह, एसपी, रोहतक।